
BASTAR NEWS – छत्तीसगढ़ के बस्तर में आयोजित पंडुम महोत्सव का समापन आज एक ऐतिहासिक क्षण बन गया, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस सांस्कृतिक कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। बस्तर की मिट्टी, परंपराएं और लोकसंस्कृति की अद्भुत प्रस्तुति ने इस अवसर को यादगार बना दिया।
गृह मंत्री अमित शाह विशेष रूप से इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बस्तर पहुंचे और उन्होंने आदिवासी समुदाय की समृद्ध परंपराओं, लोक नृत्य और कला की सराहना की। मंच से उन्होंने बस्तर के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि, “बस्तर की संस्कृति और परंपराएं भारत की आत्मा हैं।”
कार्यक्रम में बस्तर की पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे कलाकारों ने लोक नृत्य प्रस्तुत किए, जिनमें गोंडी, मुरिया और हल्बा समुदाय की संस्कृति की झलक देखने को मिली। पूरा परिसर रंग-बिरंगी सजावट और पारंपरिक धुनों से गूंज रहा था।
अमित शाह ने इस दौरान बस्तर की विकास योजनाओं और केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि बस्तर के समग्र विकास और सांस्कृतिक संरक्षण का है।
इस आयोजन ने बस्तर की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत किया है। पंडुम महोत्सव, जो पहले स्थानीय उत्सव माना जाता था, अब देशभर के लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
गृह मंत्री की मौजूदगी ने इस समापन समारोह को और भी खास बना दिया, जहां संस्कृति, सुरक्षा और समर्पण का संगम देखने को मिला।