छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में बड़ा मोड़, कोर्ट ने 8 शराब कंपनियों के खिलाफ दर्ज किया अपराध
₹2000 करोड़ के छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में नया मोड़, कोर्ट ने वेलकम डिस्टिलरीज, भाटिया वाइन मर्चेंट्स समेत 8 कंपनियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया। 28 फरवरी को कोर्ट में पेशी। पढ़ें पूरी खबर।

Raipur News | छत्तीसगढ़ में ₹2000 करोड़ से अधिक के शराब घोटाले में नया मोड़ आ गया है। पीएमएलए कोर्ट ने आरोपी अनवर ढेबर की ओर से दाखिल सीआरपीसी की धारा 190 के तहत आवेदन स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद 8 शराब निर्माता कंपनियों के खिलाफ अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है।
किन कंपनियों पर दर्ज हुआ अपराध?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के वकील डॉ. सौरभ पांडेय के अनुसार, पीएमएलए कोर्ट ने निम्नलिखित कंपनियों को आरोपी बनाया है:
- वेलकम डिस्टिलरीज
- भाटिया वाइन मर्चेंट्स
- सीजी डिस्टलरीज
- एमएस नेक्स्ट जेन
- दिशिता वेंचर्स
- ओम साईं ब्रेवरेजेज
- सिद्धार्थ सिंघानिया
- एमएस टॉप सिक्योरिटीज
कोर्ट ने इन कंपनियों के अधिकारियों को 28 फरवरी को पेश होने के लिए समन जारी किया है।
क्या है ईडी का आरोप?
ईडी की जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों ने अवैध शराब कारोबार के माध्यम से अर्जित धन को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए सफेद करने की कोशिश की। जांच एजेंसी के पास बेनामी लेन-देन और संदिग्ध बैंकिंग ट्रांजैक्शन्स से जुड़े कई ठोस सबूत हैं, जो घोटाले में इन कंपनियों की संलिप्तता को उजागर कर सकते हैं।
ईओडब्ल्यू और एसीबी में भी याचिका दायर
शराब निर्माता कंपनियों के खिलाफ अपराध दर्ज कराने के लिए अनवर ढेबर और अनिल टूटेजा ने आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की अदालत में भी याचिका दायर की है। इस मामले में 10 मार्च को सुनवाई होगी।
जांच को मिल सकती है नई दिशा
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि शराब निर्माता कंपनियों को आरोपी बनाए जाने के बाद जांच एजेंसियां घोटाले में शामिल अन्य बड़े नामों तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा, पीएमएलए के तहत संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई भी तेज हो सकती है।