रायपुर में नशे के सौदागरों पर कसा शिकंजा, जल्द होगी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई
छत्तीसगढ़ पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्त कार्रवाई के लिए स्मगलर एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट (सफेमा) 1976 को प्रभावी हथियार बनाने की तैयारी कर ली है
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रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्त कार्रवाई के लिए स्मगलर एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट (सफेमा) 1976 को प्रभावी हथियार बनाने की तैयारी कर ली है। बिलासपुर में 15 तस्करों की सवा चार करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त करने के बाद, अब रायपुर में भी इसी तर्ज पर पुलिस बड़े पैमाने पर कार्रवाई करने जा रही है।
पुलिस ने शुरू की तस्करों की पहचान
रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह के निर्देश पर जिले के सभी थाना प्रभारियों (टीआई) को अपने क्षेत्र के नशा तस्करों की सूची तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। चिन्हांकित तस्करों की संपत्ति जब्त करने और पिट एनडीपीएस (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) के तहत जेल भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
किन इलाकों में होगी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई?
पुलिस ने रायपुर जिले में नशे के कारोबार से जुड़े तस्करों की कुंडली तैयार करना शुरू कर दिया है। खासतौर पर कोतवाली, माना, पंडरी, टिकरापारा, खमतराई, मंदर हसौद, आमानाका और कबीर नगर थाना क्षेत्रों में सक्रिय तस्करों की संपत्तियों को जल्द जब्त किया जा सकता है।
बैंक और संपत्ति की हो रही जांच
नशे के कारोबार से अर्जित काली कमाई का पता लगाने के लिए राजस्व विभाग की मदद ली जा रही है। पुलिस तस्करों के बैंक अकाउंट, पैन कार्ड, संपत्ति के दस्तावेज और लेन-देन की पूरी जानकारी जुटा रही है।
पिछले दो महीनों में 15 लाख से अधिक के नशे के सामान जब्त
बीते दो महीनों में पुलिस ने 15 लाख रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए हैं। इसमें नशीली गोलियां, सिरप, शराब और गांजा शामिल हैं। गांजा तस्करी के मामलों में ज्यादातर आरोपी ओडिशा से तस्करी कर दूसरे राज्यों में सप्लाई करने वाले गिरोहों से जुड़े थे।
बार-बार पकड़ाने वाले तस्करों पर सीधी कार्रवाई
एसएसपी के अनुसार, जो अपराधी पहले भी मादक पदार्थों के साथ पकड़े गए और जेल से छूटने के बाद फिर से नशे के धंधे में लिप्त हैं, उनकी संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। जिला बदर हो चुके और फिर से अवैध कारोबार में शामिल चार तस्करों की भी पहचान की गई है।
छत्तीसगढ़ में बढ़ती सख्ती से नशा तस्करों में हड़कंप
छत्तीसगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। संपत्ति जब्ती और सफेमा एक्ट के इस्तेमाल से पुलिस अब नशा तस्करों पर पूरी तरह शिकंजा कसने के लिए तैयार है।