भारतीय सिनेमा के इतिहास में अक्सर देखा जाता है कि बड़ी फिल्में सफलता पाने के लिए कई भाषाओं (Pan-India) का सहारा लेती हैं। लेकिन हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर’ ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। केवल एक ही मूल भाषा में रिलीज होने के बावजूद, इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर ₹1240 करोड़ का विशाल कलेक्शन कर सबको हैरान कर दिया है। फिल्म की इस असाधारण सफलता ने फिल्म इंडस्ट्री के विशेषज्ञों और दर्शकों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।
शानदार कहानी और दमदार परफॉर्मेंस का जादू
‘धुरंधर’ की सफलता के पीछे इसकी दमदार पटकथा और कलाकारों का बेहतरीन अभिनय माना जा रहा है। फिल्म ने न केवल घरेलू बाजार में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दर्शकों का दिल जीता है। रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के शुरुआती हफ्तों में ही अपनी लागत निकाल ली थी और अब यह मुनाफा कमाने के मामले में टॉप लिस्ट में शामिल हो गई है। खास बात यह है कि बिना किसी बड़े प्रमोशन या मल्टी-लैंग्वेज डबिंग के, फिल्म ने विदेशों में भी भारी भीड़ जुटाई है।
क्षेत्रीय सिनेमा की वैश्विक धमक
इस फिल्म की ₹1240 करोड़ की कमाई यह साबित करती है कि अगर कंटेंट (विषय-वस्तु) मजबूत हो, तो भाषा की दीवारें मायने नहीं रखतीं। ‘धुरंधर’ ने कई ऐसी हिंदी और साउथ की मेगा-बजट फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है जो पांच से ज्यादा भाषाओं में रिलीज हुई थीं। ट्रेड एनालिस्ट्स का कहना है कि यह फिल्म क्षेत्रीय सिनेमा के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी और भविष्य में फिल्म निर्माताओं को केवल ‘कंटेंट’ पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करेगी।
दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स
सिनेमाघरों में अभी भी फिल्म को लेकर क्रेज कम नहीं हुआ है। सोशल मीडिया पर फिल्म के क्लिप्स और डायलॉग्स वायरल हो रहे हैं, जिसका सीधा फायदा इसके कलेक्शन में देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा ₹1300 करोड़ के पार जा सकता है, जो किसी भी सिंगल-लैंग्वेज फिल्म के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।