बीएमसी चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद निशिकांत दुबे की ठाकरे बंधुओं को खुली चुनौती: ‘अब मुंबई आकर मिलूंगा…’

मुंबई/नई दिल्ली: महाराष्ट्र में हुए नगर निगम चुनावों, विशेषकर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के नतीजों ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए मुंबई में तीन दशक बाद पूर्ण बहुमत के साथ वापसी की है। इस जीत के तुरंत बाद, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर तीखा हमला बोला है और उन्हें खुली चुनौती दी है।

भाजपा की प्रचंड आंधी, ठाकरे बंधुओं का सूपड़ा साफ बीएमसी चुनाव के नतीजों ने सभी को चौंका दिया है। 227 सीटों वाली एशिया की सबसे अमीर नगर निगम में भाजपा ने अकेले दम पर 130 सीटों पर कब्जा जमा लिया है, जो बहुमत के 114 के आंकड़े से काफी अधिक है। वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की मनसे (एमएनएस) का गठबंधन महज 72 सीटों पर सिमट कर रह गया है। कांग्रेस को भी केवल 10 सीटों के आसपास संतोष करना पड़ा है।

सिर्फ मुंबई ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में भाजपा की लहर देखने को मिली है। राज्य के कुल 29 नगर निगमों में से 24 पर भाजपा गठबंधन ने अपना परचम लहराया है। नागपुर, ठाणे और पुणे जैसे प्रमुख शहरों में भी भाजपा ने बढ़त बनाई है।

निशिकांत दुबे का ‘X’ वार: ‘मुंबई आकर मिलूंगा’ झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए ठाकरे बंधुओं पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “अब मुंबई आकर उद्धव ठाकरे जी तथा राज ठाकरे जी से मिलूंगा।”

दुबे का यह बयान केवल एक मुलाकात का ऐलान नहीं, बल्कि एक सीधा राजनीतिक तंज माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे हालिया ‘भाषा विवाद’ और अतीत में दी गई ‘पटक-पटक कर मारने’ जैसी धमकियों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। दुबे ने अपने ट्वीट में यह भी कहा कि मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की एकता की जीत हुई है और अब ठाकरे बंधुओं के ‘अस्वस्थ’ होने के दिन आ गए हैं।

मराठी कार्ड हुआ फेल राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव ने यह साबित कर दिया है कि मुंबई अब किसी एक परिवार या ‘भाषावाद’ की जागीर नहीं रही। राज और उद्धव ठाकरे का साथ आना और भावनात्मक ‘मराठी कार्ड’ खेलना भी भाजपा के ‘विकासवाद’ और ‘सबका साथ-सबका विकास’ की आंधी को नहीं रोक सका। मतदाताओं ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मुंबई के विकास में मालिक और मजदूर सभी का योगदान है और वे संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठ चुके हैं।

भाजपा नेतृत्व गदगद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने इस जीत को प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों और राष्ट्रवाद की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने उन लोगों को सबक सिखाया है जो देश विरोधी ताकतों के सुर में सुर मिलाते थे।

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