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नक्सल प्रभावित रायगुड़म में पहली बार मंत्री की दस्तक, विकास की नई उम्मीदें जगाईं

नक्सल प्रभावित रायगुड़म में पहली बार मंत्री की दस्तक, विकास की नई उम्मीदें जगाईं

SUKMA NEWS – छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र रायगुड़म में पहली बार किसी मंत्री ने कदम रखा। राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान सुरक्षा बलों और स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात की। यह दौरा सरकार की नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

जवानों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक –

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सबसे पहले रायगुड़म में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने नक्सल उन्मूलन के लिए सरकार की रणनीति पर चर्चा की और जवानों का हौसला बढ़ाया। साथ ही, उन्होंने पुलिस और अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा हालात की समीक्षा की।

ग्रामीणों के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री –

सुरक्षा बलों के साथ चर्चा के बाद, विजय शर्मा ने दुर्गम क्षेत्रों में जाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने चौपाल लगाकर गांववालों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर अपनी परेशानियां साझा कीं, जिस पर उप मुख्यमंत्री ने जल्द से जल्द सुधारात्मक कदम उठाने का वादा किया।

सरकार की नई पहल और विकास योजनाएं –

उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को सरकार की नई योजनाओं के बारे में जानकारी दी, जिसमें सड़क निर्माण, शिक्षा संस्थानों की स्थापना और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने जैसे विषय शामिल थे। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

गृह मंत्री अमित शाह का आगामी दौरा –

इस दौरे के बाद, केंद्र सरकार भी राज्य में नक्सल उन्मूलन और विकास कार्यों को गति देने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 4 अप्रैल से दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं, जिसमें वे बस्तर में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और सुरक्षा रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उम्मीद की किरण –

उप मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल सरकार की गंभीरता को दर्शाता है बल्कि स्थानीय लोगों में भी उम्मीद जगाता है। प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों से यह साफ है कि सरकार अब इन इलाकों को उपेक्षित नहीं छोड़ना चाहती। आने वाले समय में इस क्षेत्र में विकास कार्यों की गति तेज होने की उम्मीद है, जिससे लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा और नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने में मदद मिलेगी।

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