राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई, पंचतत्व में विलीन हुए सिनेमा के भारत कुमार मनोज कुमार
राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई, पंचतत्व में विलीन हुए सिनेमा के भारत कुमार मनोज कुमार

भारतीय सिनेमा को देशभक्ति की नई पहचान देने वाले महान अभिनेता मनोज कुमार अब पंचतत्व में विलीन हो गए। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान उन्हें गन सैल्यूट भी दिया गया और अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों और प्रशंसकों ने भाग लिया।
मनोज कुमार, जिन्हें प्यार से “भारत कुमार” कहा जाता था, का अंतिम संस्कार मुंबई के एक श्मशान घाट पर किया गया। इस मौके पर उन्हें भारत सरकार द्वारा दिए गए राजकीय सम्मान के तहत तिरंगे में लिपटा गया और उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए परिजन, रिश्तेदार, और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की आंखें नम थीं। फैंस की भारी भीड़ उनके आखिरी दर्शन के लिए पहुंची। हर कोई उनकी फिल्मों और उनके योगदान को याद करते हुए भावुक नजर आया।
मनोज कुमार ने हिंदी सिनेमा को ‘उपकार’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’, और ‘क्रांति’ जैसी अमर देशभक्ति फिल्मों का तोहफा दिया। उन्होंने अपने अभिनय और निर्देशन के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को सिनेमा से जोड़ने का कार्य किया।
उनके सम्मान में श्मशान घाट पर पूरे राजकीय प्रोटोकॉल के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सम्पन्न हुई। यह सम्मान केवल एक अभिनेता के लिए नहीं, बल्कि उस विचार के लिए था जो उन्होंने अपने कार्यों और सोच से समाज को दिया।
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार और पद्मश्री जैसे सम्मानों से अलंकृत मनोज कुमार का जाना भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत है।
उनकी अंतिम विदाई में हर कोई यही कहता नजर आया –
“मनोज कुमार नहीं रहे, पर उनका आदर्श और देशभक्ति हमेशा जीवित रहेगी।”