घरेलू बजट संभालने वाली गृहणियों और आम नागरिकों के लिए महीने की शुरुआत बुरी खबर के साथ हुई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। ताजा अपडेट के अनुसार, प्रति सिलेंडर की कीमत में 111 रुपये का इजाफा किया गया है, जो पिछले 28 महीनों में देखी गई सबसे बड़ी वृद्धि है।
महंगाई की चौतरफा मार
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू बाजार की मांग को देखते हुए तेल कंपनियों ने यह फैसला लिया है। 111 रुपये की यह बढ़ोतरी कमर्शियल सिलेंडर के साथ-साथ कुछ क्षेत्रों में घरेलू उपयोग के सिलेंडरों पर भी असर डाल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वृद्धि के कारण अब होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर खाने-पीने की चीजें महंगी हो जाएंगी, जिसका सीधा बोझ आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।
28 महीनों का रिकॉर्ड टूटा
आंकड़ों पर नजर डालें तो यह पिछले दो साल से भी ज्यादा समय में सबसे तेज उछाल है। इससे पहले कीमतों में मामूली बदलाव देखे गए थे, लेकिन एक साथ 111 रुपये की वृद्धि ने मध्यम वर्गीय परिवारों के गणित को बिगाड़ दिया है। नई दरें आज से ही प्रभावी हो गई हैं। महानगरों की बात करें तो दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में अब गैस रिफिल कराना काफी महंगा हो गया है।
विपक्षी दलों और जनता की प्रतिक्रिया
कीमतों में हुई इस अचानक बढ़ोतरी के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जनता का कहना है कि पहले से ही खाद्य तेल और सब्जियों की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों के लिए यह “महंगाई का करंट” जैसा है। वहीं, विपक्षी दलों ने सरकार को घेरते हुए बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
तेल कंपनियों का तर्क है कि लागत मूल्य में वृद्धि और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के कारण कीमतों को बढ़ाना अनिवार्य हो गया था। अब देखना यह है कि क्या आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी आने पर आम जनता को कोई राहत दी जाएगी।