नक्सलियों ने पूर्व विधायक मनीष कुंजाम के रिश्तेदार की हत्या की, इलाके में दहशत
सुदूर वनांचल क्षेत्र पेंटापाड़ में नक्सलियों ने सोमवार शाम ग्राम पटेल कमलू हिड़मा (60) की हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, कमलू हिड़मा पूर्व विधायक मनीष कुंजाम के छोटे ससुर थे।

कोंटा। सुदूर वनांचल क्षेत्र पेंटापाड़ में नक्सलियों ने सोमवार शाम ग्राम पटेल कमलू हिड़मा (60) की हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, कमलू हिड़मा पूर्व विधायक मनीष कुंजाम के छोटे ससुर थे। सुरक्षा कारणों से वे बीते दो वर्षों से कोंटा बेस कैंप में निवास कर रहे थे, लेकिन त्योहार के लिए अपने गांव लौटने पर नक्सलियों ने उनकी हत्या कर दी।
नक्सलियों ने ली हत्या की जिम्मेदारी
इस वारदात की जिम्मेदारी नक्सली संगठन कोंटा एरिया कमेटी ने ली है। नक्सलियों ने पर्चा जारी कर आरोप लगाया कि कमलू हिड़मा गांव छोड़कर चले गए थे और वापस लौटकर ग्रामीणों को डराने तथा जमीन कब्जाने का प्रयास कर रहे थे। नक्सलियों ने यह भी धमकी दी है कि जो लोग आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बस गए हैं और अब इलाके में लौट रहे हैं, वे सावधान रहें।
बढ़ते सुरक्षा कैंप और सड़क निर्माण से बौखलाहट
हाल ही में टब्बाकोंटा में सुरक्षा बलों के कैंप खुलने और नक्सल प्रभाव कम होने की खबरों के चलते कई ग्रामीण अपने मूल गांव लौटने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन नक्सली अब भी इन इलाकों में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए आतंक फैला रहे हैं।
मनीष कुंजाम की प्रतिक्रिया – “हिंसा से बढ़ेगी हिंसा”
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने कहा,
“हिंसा से हिंसा और बढ़ेगी। नक्सलियों को खुद सोचना चाहिए कि वे किसकी हत्या कर रहे हैं। बिना सच्चाई जाने ऐसे हमलों से जनता उनके खिलाफ होती जा रही है। नक्सलियों के जो लड़के इस हिंसा को अंजाम दे रहे हैं, उन्हें खुद नहीं पता कि उनका सिद्धांत क्या है, मार्क्स और माओ ने क्या कहा था। मेरे ससुर कमलू हिड़मा वैसे नहीं थे, जैसा आरोप लगाया जा रहा है।”
निष्कर्ष
कोंटा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने और ग्रामीणों की वापसी से नक्सली अब खौफ फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। कमलू हिड़मा की हत्या नक्सलियों की बौखलाहट का संकेत है। सुरक्षा बलों और प्रशासन को अब और सतर्क रहने की जरूरत है ताकि नक्सली हिंसा पर लगाम लगाई जा सके और ग्रामीणों को सुरक्षित माहौल मिल सके।