भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर देश की पहली ‘वंदे भारत स्लीपर’ ट्रेन का निरीक्षण किया। यह ट्रेन न केवल अपनी उच्च गति बल्कि अपने शानदार इंटीरियर और विश्व स्तरीय सुविधाओं के लिए जानी जा रही है। विशेषज्ञों का दावा है कि इस ट्रेन की सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भी कड़ी टक्कर देंगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस इंटीरियर वंदे भारत स्लीपर को विशेष रूप से 1000 किलोमीटर से अधिक लंबी दूरी की यात्राओं के लिए तैयार किया गया है। ट्रेन के भीतर ‘एर्गोनोमिक’ डिजाइन वाली बर्थ दी गई हैं, जो यात्रियों के आरामदायक सफर को सुनिश्चित करती हैं और पीठ दर्द जैसी समस्याओं से राहत देती हैं। इसके अलावा, ट्रेन में सेंसर आधारित लाइटिंग, बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स और एंटी-बैक्टीरियल फ्लोरिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं दी गई हैं।
स्थिरता का बेमिसाल नमूना इस ट्रेन की सबसे बड़ी खूबी इसकी स्थिरता (Stability) है। हाल ही में कोटा और नागदा के बीच किए गए ट्रायल के दौरान, 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर भी लोको केबिन में रखे पानी के गिलास से एक बूंद पानी भी नहीं छलका। यह इसके एडवांस सस्पेंशन और झटकों से मुक्त तकनीक का प्रमाण है, जिससे यात्रियों की नींद में कोई बाधा नहीं आएगी।
इस साल 12 ट्रेनें पटरी पर उतरेंगी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि इस साल के अंत तक देश के विभिन्न प्रमुख रूटों पर ऐसी 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाई जाएंगी। पहली ट्रेन गुवाहाटी और कोलकाता के बीच संचालित होने की संभावना है। सुरक्षा के लिहाज से यह ट्रेन स्वदेशी ‘कवच’ प्रणाली से लैस है और इसमें मेट्रो की तर्ज पर ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे लगाए गए हैं।