राजधानी में अवैध कब्जों और बिना अनुमति के किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ नगर पालिक निगम ने अपना रुख सख्त कर लिया है। शनिवार को नगर निगम जोन-8 की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए टाटीबंध और सोनडोंगरी इलाके में करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस अभियान के दौरान भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अवैध रूप से निर्मित 18 दुकानों और 15 निर्माणाधीन मकानों को जमींदोज कर दिया गया।
नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के कड़े निर्देशों पर जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। अभियान की शुरुआत वार्ड क्रमांक-1 (वीर सावरकर नगर) के अंतर्गत टाटीबंध स्थित ट्रांसपोर्ट नगर के पास से हुई। यहाँ भू-माफियाओं द्वारा लगभग 20 हजार वर्गफीट सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर 18 दुकानों का निर्माण कर लिया गया था। निगम की टीम ने जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से इन सभी दुकानों को पूरी तरह से ढहा दिया।
इसके पश्चात, निगम का दस्ता वार्ड क्रमांक-2 के अंतर्गत अवधपारा, सोनडोंगरी पहुँचा। यहाँ अवैध प्लॉटिंग के माध्यम से बिना किसी वैध अनुमति या मानचित्र स्वीकृति के लगभग 15 मकानों का निर्माण कार्य चल रहा था। नगर निगम ने इन निर्माणाधीन ढांचों को तोड़ दिया और अवैध कॉलोनी के लिए बनाई गई सड़कों को भी उखाड़ दिया ताकि भविष्य में यहाँ अवैध निर्माण न हो सके।
जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल ने भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बिना नक्शा पास कराए या सरकारी जमीन पर कब्जा कर निर्माण करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में अवैध प्लॉटिंग को रोकने के लिए निगम का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। इस बड़ी कार्रवाई में कार्यपालन अभियंता अतुल चोपड़ा, सहायक अभियंता अमन चंद्राकर और नगर निवेश विभाग का पूरा दस्ता शामिल रहा।