झारखंड के चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर जंगली हाथियों के झुंड की मौजूदगी ने रेल प्रशासन और यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सुरक्षा कारणों और हाथियों के खतरे को देखते हुए रेलवे ने इस मार्ग पर चलने वाली कई प्रमुख ट्रेनों को 9 जनवरी तक रद्द करने का निर्णय लिया है।
पटरियों पर हाथियों का डेरा, सुरक्षा सबसे ऊपर
पिछले कुछ दिनों से चक्रधरपुर रेल मंडल के विभिन्न खंडों में हाथियों के झुंड को पटरियों के आसपास देखा गया है। जंगली हाथियों की इस आवाजाही के कारण मालगाड़ियों के साथ-साथ यात्री ट्रेनों के संचालन में भी भारी जोखिम पैदा हो गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कोहरे और रात के अंधेरे में हाथियों के पटरी पर आ जाने से बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है, जिसे टालने के लिए एहतियातन ट्रेनों का परिचालन रोका गया है।
यात्रियों की बढ़ी परेशानी: रद्द और डायवर्ट की गई ट्रेनें
दक्षिण पूर्व रेलवे ने घोषणा की है कि चक्रधरपुर संभाग के अंतर्गत लोटापहाड़ और सोनुआ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही के चलते परिचालन प्रभावित हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, टाटानगर, बिलासपुर, और हावड़ा की ओर जाने वाली कई इंटरसिटी और एक्सप्रेस ट्रेनों को 9 जनवरी तक के लिए रद्द कर दिया गया है। वहीं, कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों के रूट बदलकर उन्हें चलाया जा रहा है।
अचानक हुए इस बदलाव के कारण टाटानगर और चक्रधरपुर स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। यात्री अपनी टिकटें रद्द कराने और वैकल्पिक यात्रा साधनों की तलाश में भटकने को मजबूर हैं।
रेलवे और वन विभाग का समन्वय
इस स्थिति को देखते हुए रेल प्रशासन और वन विभाग की टीमें अलर्ट पर हैं। पटरियों की निरंतर निगरानी की जा रही है ताकि हाथियों के झुंड के सुरक्षित दूरी पर जाने के बाद यातायात बहाल किया जा सके। रेलवे ने अपील की है कि यात्री घर से निकलने से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर से अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच अवश्य कर लें।