दक्षिण अमेरिका के देश वेनेजुएला में निकोलस मादुरो की सत्ता के पतन के बाद अब ईरान के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। वैश्विक मीडिया रिपोर्ट्स और खुफिया सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अपनी सत्ता खोने के डर से बुरी तरह डरे हुए हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो खामेनेई अपने बेटे मोजतबा खामेनेई और कुछ बेहद करीबी सहयोगियों के साथ रूस में शरण लेने की योजना बना रहे हैं।
मादुरो के पतन ने बढ़ाई खामेनेई की चिंता
हाल ही में वेनेजुएला में हुए सत्ता परिवर्तन ने दुनिया भर के तानाशाहों और निरंकुश शासकों के मन में डर पैदा कर दिया है। मादुरो के देश छोड़कर भागने की घटना को खामेनेई अपने भविष्य के संकेत के रूप में देख रहे हैं। ईरान में लंबे समय से जारी आर्थिक संकट, हिजाब विरोधी प्रदर्शनों के बाद का आक्रोश और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव ने शासन की नींव हिला दी है। विश्लेषकों का मानना है कि खामेनेई को डर है कि ईरानी जनता का गुस्सा किसी भी वक्त ज्वालामुखी की तरह फूट सकता है।
रूस बन सकता है सुरक्षित ठिकाना
रिपोर्ट्स के अनुसार, खामेनेई ने अपने सुरक्षित निकास (Safe Exit) के लिए रूस को चुना है। रूस और ईरान के बीच गहरा सैन्य और रणनीतिक गठजोड़ है, विशेषकर यूक्रेन युद्ध के दौरान यह संबंध और भी मजबूत हुए हैं। कहा जा रहा है कि तेहरान और मॉस्को के बीच इस गुप्त योजना को लेकर बातचीत चल रही है, ताकि विपरीत परिस्थितियों में खामेनेई और उनके परिवार को सुरक्षित सुरक्षित आश्रय मिल सके।
उत्तराधिकार और अंदरूनी कलह
ईरान के भीतर यह भी चर्चा है कि खामेनेई अपने बेटे मोजतबा को सत्ता सौंपना चाहते हैं, लेकिन शासन के भीतर मौजूद विभिन्न धड़े इसके विरोध में हैं। यदि तख्तापलट या जनविद्रोह जैसी स्थिति बनती है, तो रूस भागना ही उनके पास एकमात्र विकल्प बचेगा। हालांकि, ईरानी सरकार की ओर से इन खबरों को “दुष्प्रचार” बताकर खारिज किया गया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ईरान की वर्तमान स्थिति को लेकर कयासों का बाजार गर्म है