महाराष्ट्र में बड़ा हादसा: बारामती में विमान दुर्घटनाग्रस्त, उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत 5 की मौत

बारामती/पुणे: महाराष्ट्र की राजनीति से आज एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कद्दावर नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के बारामती में उस समय हुआ जब उनका चार्टर्ड प्लेन लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। इस हादसे में अजित पवार के साथ सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई है।

कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अजित पवार बुधवार सुबह मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए थे। वे आगामी जिला परिषद चुनावों के सिलसिले में बारामती में आयोजित होने वाली जनसभाओं को संबोधित करने जा रहे थे। सुबह करीब 8:45 बजे, जब उनका चार्टर्ड विमान ‘लियरजेट 45’ (पंजीकरण संख्या VT-SSK) बारामती एयरपोर्ट पर लैंड करने की कोशिश कर रहा था, तभी तकनीकी खराबी के कारण विमान रनवे के पास असंतुलित होकर क्रैश हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, क्रैश होते ही विमान में भीषण आग लग गई और देखते ही देखते विमान मलबे में तब्दील हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और दमकल की गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि किसी को भी बचाया नहीं जा सका।

मृतकों की सूची

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, विमान में चालक दल सहित कुल 5 लोग सवार थे:

  1. अजित पवार (उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र)
  2. विदित जाधव (सुरक्षा कर्मी)
  3. पिंकी जाधव (एक अन्य यात्री)
  4. सुमित कपूर (पायलट)
  5. शांभवी पाठक (को-पायलट)

देश में शोक की लहर

अजित पवार के असामयिक निधन की खबर से पूरे महाराष्ट्र और देश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली और गहरा दुख व्यक्त किया।

शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी और सांसद अरविंद सावंत ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए इसे महाराष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। अजित पवार की चचेरी बहन और सांसद सुप्रिया सुले समेत परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली से महाराष्ट्र के लिए रवाना हो गए हैं।

अजित पवार का राजनीतिक सफर

66 वर्षीय अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति का एक प्रमुख चेहरा थे। उन्होंने कई बार राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और बारामती के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका इस तरह चले जाना न केवल उनके परिवार और पार्टी के लिए, बल्कि समूचे महाराष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति है।

हादसे के बाद बारामती एयरपोर्ट पर परिचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और प्रशासन ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

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