भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को कमजोर शुरुआत की। मुनाफावसूली और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के दबाव के कारण प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
बाजार की चाल (सेंसेक्स और निफ्टी)
- BSE सेंसेक्स: शुरुआती कारोबार में करीब 300 अंक यानी 0.40% की गिरावट के साथ 78,600 के स्तर पर पहुंच गया।
- NSE निफ्टी 50: करीब 50 अंकों की कमजोरी के साथ 24,580 के आसपास कारोबार करता दिखा। (बता दें कि एक दिन पहले गुरुवार को सेंसेक्स 374 अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ था।)
सेक्टर रोटेशन: बैंकिंग पर दबाव, आईटी का सहारा बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के पीछे सेक्टर रोटेशन एक अहम वजह रही। निवेशकों ने बैंकिंग स्टॉक्स में जमकर मुनाफावसूली की, जिससे बैंकिंग इंडेक्स पर भारी दबाव देखा गया। इसके विपरीत, आईटी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे टेक्नोलॉजी कंपनियों ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।
कमजोर वैश्विक संकेत
- एशियाई बाजार: एशियाई बाजारों में सुस्ती का माहौल रहा। दक्षिण कोरिया का KOSPI करीब 1.15% और जापान का Nikkei करीब 0.98% नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि हांगकांग का Hang Seng मामूली बढ़त पर था।
- अमेरिकी बाजार: गुरुवार को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। Dow Jones में 0.85%, S&P 500 में 0.18% और Nasdaq में 0.06% की गिरावट दर्ज की गई थी।
FII और DII का निवेश विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों का रुख बाजार के लिए सकारात्मक बना हुआ है। पिछले सात कारोबारी सत्रों में FII/FPI ने लगभग 2,408 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। वहीं, ताजा सत्र में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने लगभग 4,014 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
फिलहाल निवेशकों की नजरें बैंकिंग सेक्टर के रुख, आईटी शेयरों के प्रदर्शन और वैश्विक बाजारों के संकेतों पर टिकी हुई हैं।