नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के 10वें दिन रसुवा स्थित त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। करीब 9 दिनों तक मलबे में दबे रहने के बाद यांत्रिक फोरमैन संजय साह और मैकेनिकल सुपरवाइजर कबीर महार्जन को जिंदा बाहर निकाला गया। इस चमत्कारिक घटना के बाद रेस्क्यू टीमों ने सुरंगों में दबे अन्य लोगों की तलाश का अभियान और तेज कर दिया है।
सांसें थाम देने वाला रेस्क्यू ऑपरेशन
बचाव दल जब सुरंग के पास पहुंचा तो उन्हें अंदर से मदद की आवाजें सुनाई दीं। रेस्क्यू टीम ने तुरंत अंदर फंसे लोगों को हौसला दिया और कहा, “घबराएं नहीं, हम आपको बचाने आए हैं।” इसके बाद नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल ने तुरंत राहत अभियान शुरू कर संजय साह और कबीर महार्जन को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला।
सुरंग में अब भी फंसे हो सकते हैं कई मजदूर
- सुरंग से सुनाई दे रही हैं आवाजें: सुरंग के अंदर से अभी भी कुछ अन्य मजदूरों की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे उनके जिंदा होने की आस जग गई है।
- 900 से अधिक कर्मचारी लापता: 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन में त्रिशूली कॉरिडोर के 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से जुड़े 900 से अधिक कर्मचारी लापता हैं। अनुमान है कि रसुवा और नुवाकोट के प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में करीब 500 मजदूर दबे हो सकते हैं।
- घटती ऑक्सीजन बनी बड़ी चुनौती: समय बीतने के साथ सुरंगों के भीतर ऑक्सीजन का स्तर लगातार कम हो रहा है, जो अंदर फंसे लोगों और बचाव दल दोनों के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।
प्रशासन और सुरक्षा बल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सुरंगों के क्षतिग्रस्त हिस्सों में फंसे अन्य कर्मचारियों तक पहुंचने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।