केन्या में टाटा केमिकल्स को बड़ा झटका: राष्ट्रपति विलियम रूटो ने संचालन बंद करने का दिया आदेश, कही यह बात

नैरोबी: अफ्रीकी देश केन्या से भारतीय बहुराष्ट्रीय समूह टाटा (Tata Group) के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने भारतीय कंपनी टाटा केमिकल्स को देश में अपना परिचालन पूरी तरह बंद करने का फरमान जारी किया है। राष्ट्रपति रूटो ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोप लगाया कि दशकों से मौजूदगी के बावजूद केन्या और खासकर काजियाडो (Kajiado) क्षेत्र को इसका कोई ठोस फायदा नहीं पहुंचा है।

100 साल पुराने करार पर उठाए सवाल, नई कंपनियों की तैयारी

काजियाडो क्षेत्र के अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति रूटो ने टाटा समूह के लंबे समय से चले आ रहे समझौतों पर सवाल खड़े किए:

  • स्थानीय उद्योगों का अभाव: रूटो ने कहा कि कंपनी के पास करीब 100 साल का अनुबंध रहा, लेकिन क्षेत्र में अपेक्षित औद्योगिक विकास नहीं हुआ। देश के प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल सिर्फ कच्चा माल बाहर भेजने के लिए नहीं होना चाहिए, बल्कि स्थानीय स्तर पर वैल्यू एडिशन और रोजगार पैदा होना चाहिए।
  • विकल्प के तौर पर नई कंपनियां: केन्याई सरकार अब टाटा के स्थान पर दो नई कंपनियों को लाने की योजना बना रही है। इसके तहत क्षेत्र में एक बड़ी ग्लास फैक्ट्री और एक केमिकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिले।

जुलाई से जारी था विवाद, कंपनी ने रखा अपना पक्ष

यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई है। टाटा केमिकल्स की केन्याई सहायक कंपनी ‘टाटा केमिकल्स मगादी लिमिटेड’ (TCML) का खनन कार्य 28 जुलाई 2026 से ही निलंबित चल रहा था, जिसके बाद कंपनी ने खनन मंत्रालय को सभी आवश्यक दस्तावेज और रिपोर्ट सौंप दिए थे।

  • कंपनी की सफाई: टाटा केमिकल्स ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसकी केन्याई इकाई ने 2005 से देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान दिया है। कंपनी ने केन्याई सरकार के अधिकारों का सम्मान करते हुए कानूनी व नियामक प्रक्रियाओं के तहत इस मुद्दे को सुलझाने की प्रतिबद्धता जताई है।

टाटा केमिकल्स की यह इकाई अफ्रीका की सबसे बड़ी ‘सोडा ऐश’ उत्पादकों में से एक मानी जाती है। राष्ट्रपति के इस कठोर आदेश के बाद भारत और केन्या के व्यापारिक संबंधों पर भी बाजार विश्लेषकों की नजर टिकी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *