रायपुर | आधुनिक कृषि पद्धतियों के साथ भारतीय परंपरा और गौ आधारित संस्कृति के महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (जेएनकेवीवी), जबलपुर (मध्यप्रदेश) में 17 एवं 18 जनवरी 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला का विषय “आधुनिक संस्कृति में भारतीय गौवंश का महत्व एवं भारतीय देशी नस्लों की श्रेष्ठता” रखा गया है।
इस विशेष कार्यशाला में मनोहर गौशाला के ट्रस्टी डॉ. अखिल जैन (पदम डाकलिया) को आमंत्रित किया गया है। डॉ. अखिल जैन, जिन्हें पदम डाकलिया के नाम से भी जाना जाता है, जैविक खेती और गौ आधारित प्राकृतिक कृषि के क्षेत्र में अपने व्यावहारिक अनुभव और शोध आधारित विचार साझा करेंगे। वे किसानों को रासायनिक खेती से मुक्त होकर प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यशाला में देशभर से 100 से अधिक वैज्ञानिक एवं डॉक्टर, 200 से अधिक गौशाला संचालक व किसान, तथा 300 से अधिक छात्र भाग लेंगे। साथ ही गौ रक्षा अभियान से जुड़े विश्व हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के केंद्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर के दायित्ववान कार्यकर्ता भी इस आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
आयोजकों के अनुसार, इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भारतीय देशी गौवंश की वैज्ञानिक उपयोगिता, जैविक खेती के लाभ, पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। यह आयोजन जैविक व स्वदेशी कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।