ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक अस्थिरता के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी (Reza Pahlavi) ने एक बड़ा और प्रभावशाली बयान दिया है। पहलवी ने वैश्विक मंच पर ईरान की वर्तमान स्थिति को उजागर करते हुए कहा है कि देश के लाखों नागरिक अब दमनकारी शासन से तंग आ चुके हैं और वे अपनी बुनियादी स्वतंत्रता व मानवाधिकारों के लिए सड़कों पर हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के भीतर सरकार विरोधी स्वर लगातार तीव्र होते जा रहे हैं।
‘आजादी की गूंज अब थमेगी नहीं’
क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठनों का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि ईरान में चल रहा आंदोलन केवल सुधारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण परिवर्तन की पुकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरानी युवा, महिलाएं और श्रमिक वर्ग एक ऐसा भविष्य चाहते हैं जहाँ लोकतंत्र और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सर्वोपरि हो। पहलवी के अनुसार, “ईरानी जनता ने दशकों तक अन्याय सहा है, लेकिन अब उनकी आजादी की मांग एक ऐसे मुकाम पर पहुँच गई है जहाँ से पीछे हटना असंभव है।”
वैश्विक समुदाय से समर्थन की अपील
अपने संबोधन में पहलवी ने लोकतांत्रिक देशों से आग्रह किया कि वे केवल मौखिक सहानुभूति न दिखाएं, बल्कि ईरानी जनता के संघर्ष को व्यावहारिक समर्थन प्रदान करें। उन्होंने तर्क दिया कि ईरान में स्थिरता तभी आ सकती है जब सत्ता की बागडोर जनता की इच्छा के अनुसार हो। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पहलवी की बढ़ती सक्रियता और विदेशी दौरों ने ईरानी शासन पर कूटनीतिक दबाव बढ़ा दिया है।
ईरान में वर्तमान स्थिति और चुनौतियां
पिछले कुछ महीनों में ईरान ने हिजाब कानूनों, आर्थिक बदहाली और अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रतिबंधों को लेकर भारी विरोध देखा है। सरकार द्वारा की गई कड़ी कार्रवाई और इंटरनेट सेंसरशिप के बावजूद, प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। क्राउन प्रिंस का यह ताजा बयान प्रदर्शनकारियों के मनोबल को बढ़ाने वाला माना जा रहा है, क्योंकि यह आंदोलन को एक वैश्विक नेतृत्व और पहचान दिलाने की कोशिश करता है।