रायपुर: छत्तीसगढ़ में धान की अंतर राशि (बोनस) के वितरण को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस द्वारा लगाए गए भेदभाव के आरोपों पर पलटवार करते हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि विष्णुदेव साय सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र पर काम कर रही है और किसी भी योजना में किसी के साथ कोई पक्षपात नहीं किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में राज्य सरकार द्वारा किसानों के खातों में धान की अंतर राशि और महिलाओं के लिए ‘महतारी वंदन योजना’ की किश्त जारी की गई है। इस पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि राशि के वितरण में भेदभाव किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की है। इसी विरोध के चलते रायपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार मेनन ने इस वर्ष होली नहीं मनाने का निर्णय लिया है।
मंत्री टंकराम वर्मा का कड़ा पलटवार
कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने होली के पावन पर्व से पहले ही किसानों और माता-बहनों के खातों में सम्मान निधि पहुंचा दी है। कांग्रेस को तो सरकार का धन्यवाद करना चाहिए, लेकिन वे अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहे हैं।”
कांग्रेस द्वारा होली न मनाने के फैसले पर तंज कसते हुए मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सोच हमेशा से देश की संस्कृति और परंपराओं के विरुद्ध रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कांग्रेस के बस में होता, तो वे न केवल होली, बल्कि गणेश पूजा और दुर्गा पूजा जैसे हिंदू त्योहारों को भी बंद करवा देते।
राम मंदिर और सनातन का मुद्दा
अपने संबोधन में टंकराम वर्मा ने अयोध्या राम मंदिर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सनातन समाज के संघर्ष से आज मंदिर का सपना साकार हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस भारत की सभ्यता और संस्कृति के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रही है, जिसे प्रदेश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।