कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तर कोलकाता में एक विशाल रोड शो के जरिए शक्ति प्रदर्शन किया। रोड शो की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री ने शहर के ऐतिहासिक और लगभग 300 साल पुराने ठनठनिया कालीबाड़ी मंदिर में मत्था टेका और मां काली की पूजा-अर्चना की।
ऐतिहासिक मंदिर में की विशेष पूजा
प्रधानमंत्री मोदी शाम को उत्तर कोलकाता के प्रसिद्ध ठनठनिया कालीबाड़ी पहुंचे। वहां उन्होंने मां सिद्धेश्वरी (काली मां का स्वरूप) की आरती की और मंदिर के पुजारियों से आशीर्वाद लिया। यह मंदिर अपनी प्राचीन परंपराओं के लिए जाना जाता है और माना जाता है कि आध्यात्मिक गुरु रामकृष्ण परमहंस भी अक्सर यहां आकर भजन गाया करते थे। मंदिर में दर्शन के दौरान पीएम मोदी पूरी तरह भक्ति भाव में नजर आए।
भव्य रोड शो और समर्थकों का उत्साह
मंदिर में पूजा करने के बाद प्रधानमंत्री का भव्य रोड शो शुरू हुआ। यह रोड शो बी.के. पाल एवेन्यू से शुरू होकर शोभाबाजार और हाथीबागान होते हुए खन्ना क्रॉसिंग पर समाप्त हुआ। लगभग 2.5 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। सड़क के दोनों ओर खड़े समर्थकों ने ‘जय श्री राम’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारों से आसमान गुंजा दिया। प्रधानमंत्री ने हाथ हिलाकर और हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन स्वीकार किया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच इस रोड शो ने भाजपा कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है।
सांस्कृतिक संदेश और राजनीतिक पलटवार
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ठनठनिया कालीबाड़ी में पीएम मोदी की यात्रा का एक बड़ा सांस्कृतिक महत्व भी है। दरअसल, तृणमूल कांग्रेस अक्सर भाजपा पर ‘बाहरी’ होने और बंगाली परंपराओं से अनजान होने का आरोप लगाती रही है। इस मंदिर की एक खास परंपरा यह भी है कि यहां कुछ विशेष अवसरों पर मां को मांसाहार का भोग लगाया जाता है। प्रधानमंत्री की इस यात्रा को टीएमसी के उन आरोपों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें भाजपा पर खान-पान की आदतों को नियंत्रित करने का आरोप लगाया जाता रहा है।
मतदान की तैयारी
पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान संपन्न हो चुका है और अब सबकी नजरें 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान पर हैं। प्रधानमंत्री ने रोड शो से पहले उत्तर 24 परगना के ठाकुरनगर में मतुआ समुदाय के मंदिर में भी दर्शन किए थे। भाजपा इस बार बंगाल में अपनी पूरी ताकत झोंक रही है, वहीं सत्ताधारी टीएमसी अपनी जमीन बचाने की पुरजोर कोशिश में जुटी है। वोटों की गिनती 4 मई को होगी।