अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump को एक ही दिन में दो बड़े कानूनी और राजनीतिक झटके लगे हैं। एक ओर अदालत ने कैपिटल हिल दंगाइयों को मुआवजा देने की योजना पर रोक लगा दी है, वहीं दूसरी ओर केनेडी सेंटर से जुड़े नामकरण विवाद में भी ट्रंप प्रशासन को पीछे हटना पड़ सकता है।
पहला मामला 6 जनवरी 2021 को अमेरिकी संसद भवन कैपिटल हिल में हुई हिंसा से जुड़ा है। ट्रंप समर्थकों द्वारा किए गए इस हमले में कई लोग गिरफ्तार हुए थे। हाल ही में कुछ रिपब्लिकन नेताओं की ओर से इन आरोपियों को मुआवजा देने और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की पहल की गई थी। लेकिन अदालत ने इस प्रस्ताव पर अंतरिम रोक लगाते हुए कहा कि मामले की विस्तृत समीक्षा के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।
वहीं दूसरा झटका अमेरिका के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्थान केनेडी सेंटर से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप समर्थकों द्वारा कुछ कार्यक्रमों और परियोजनाओं में किए गए नामकरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। कानूनी आपत्तियों और सार्वजनिक विरोध के बाद अब संबंधित नामों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इस फैसले को ट्रंप के प्रभाव में कमी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये दोनों घटनाएं ऐसे समय सामने आई हैं जब Donald Trump आगामी राजनीतिक रणनीतियों और चुनावी तैयारियों में जुटे हुए हैं। अदालत के फैसले और सांस्कृतिक संस्थानों से जुड़े विवाद उनके लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार कैपिटल हिल दंगों का मुद्दा अब भी अमेरिकी राजनीति में बेहद संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे में अदालत का हस्तक्षेप ट्रंप खेमे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दूसरी ओर केनेडी सेंटर विवाद ने भी यह संकेत दिया है कि सार्वजनिक संस्थानों में राजनीतिक प्रभाव को लेकर बहस लगातार तेज हो रही है।
इन दोनों घटनाओं के बाद अमेरिका की राजनीति में Donald Trump को लेकर चर्चाएं फिर से तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और कानूनी व राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है।