नई दिल्ली:
NEET-UG परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और देश भर में चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह भी स्पष्ट की है।
मुख्य बिंदु:
- छात्र हित सर्वोपरि: अपने दो पन्नों के त्यागपत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने उन्हें काफी व्यथित किया है। उन्होंने कहा कि यह उनके व्यक्तिगत सम्मान का नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है।
- राजनीतिक विवाद से दूर: उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नहीं चाहते कि छात्रों का भविष्य किसी लंबे राजनीतिक टकराव या कानूनी विवादों में उलझे, इसलिए उन्होंने पद छोड़ने का कठिन निर्णय लिया।
- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में छात्र संगठनों (ककरोच जनता पार्टी) का प्रदर्शन उग्र रूप ले चुका था, जिसके बाद यह बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है।
- दोबारा परीक्षा का जिक्र: अपनी चिट्ठी में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि तमाम चुनौतियों के बाद सरकार ने 21 जून 2026 को दोबारा नीट परीक्षा सफलतापूप्र्वक आयोजित कराई थी और 16 जुलाई को परिणाम भी घोषित किए गए थे।
सरकार और विपक्षी दलों के बीच चल रहे गहमागहमी के माहौल के बीच शिक्षा मंत्री का यह कदम वर्तमान राजनीतिक और शैक्षणिक परिदृश्य में एक बहुत बड़ा बदलाव माना जा रहा है।