विश्व रिकॉर्डधारी पूज्य कामधेनु माता ‘सौम्या’ का संथारापूर्वक देवलोक गमन, खैरागढ़ की मनोहर गौशाला में शोक की लहर

कामधेनु माता 'सौम्या'

खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित प्रसिद्ध मनोहर गौशाला से एक अत्यंत भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। अपनी 54 इंच लंबी पूँछ के लिए ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’ से सम्मानित और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहीं पूज्य कामधेनु माता “सौम्या” ने लगभग 23 वर्ष की आयु में इस नश्वर संसार को छोड़ दिया है। उन्होंने बीती रात 2:27 बजे मनोहर गौशाला में पूर्ण धार्मिक विधि और शांत भाव से संथारा (जैन परंपरा के अनुसार स्वेच्छा से अन्न-जल का त्याग) करते हुए देवलोक गमन किया।

अंतिम क्षणों में गूंजते रहे महामंत्र

गौशाला प्रबंधन के अनुसार, सौम्या माता ने अपने अंतिम क्षणों में बेहद शांत भाव से देह का त्याग किया। उनके अंतिम समय में उनके समीप प्रभु वाणी, णमोकार मंत्र और भक्तामर स्तोत्र का निरंतर वाचन किया जा रहा था, जिसे श्रवण करते हुए उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। उनका पूरा जीवन करुणा, अहिंसा, जीवदया और गौसेवा की जीती-जागती मिसाल रहा।

संतों और वीआईपी हस्तियों की थीं आस्था का केंद्र

पूज्य सौम्या माता का प्रभाव और उनके प्रति श्रद्धा इतनी अगाध थी कि अपने जीवनकाल में उन्होंने लगभग 142 जैन साधु-साध्वी भगवंतों तथा अनेक पूज्य आचार्य भगवंतों से मांगलिक और णमोकार मंत्र का श्रवण किया था। इसके साथ ही, सैकड़ों वैदिक संतों का भी उन्हें दिव्य सान्निध्य और आशीर्वाद प्राप्त हुआ। देश-प्रदेश की कई बड़ी हस्तियां, जिनमें राज्य के तीन महामहिम राज्यपाल भी शामिल हैं, उनके दर्शन के लिए मनोहर गौशाला आ चुके थे। पिछले 8 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, 30,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने खैरागढ़ पहुंचकर उनके दर्शन किए थे और वे लोगों की अगाध आस्था का मुख्य केंद्र बनी हुई थीं।

आज दोपहर विधि-विधान से दी जाएगी समाधि

कामधेनु माता सौम्या के अंतिम दर्शनों के लिए आज सुबह से ही मनोहर गौशाला, खैरागढ़ में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। लोग अश्रूपूरित आंखों से उनके अंतिम दर्शन कर रहे हैं।

तय कार्यक्रम के अनुसार, आज दोपहर 12:36 बजे मनोहर गौशाला परिसर से उनकी समाधि यात्रा पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ प्रस्थान करेगी। इसके बाद जीरावला मनोहर जीवदया धाम में पूर्ण जैन विधि-विधान और शास्त्रों में वर्णित मर्यादाओं के साथ पूज्य कामधेनु माता सौम्या की समाधि प्रक्रिया संपन्न की जाएगी।

इस दुखद घड़ी में मनोहर गौशाला परिवार सहित पूरे क्षेत्र के जीवदया प्रेमियों ने अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और माता सौम्या के प्रति अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

ॐ शान्तिः। जय गौ माता।

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