तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी राजनीतिक उथल-पुथल अब संसद तक पहुंचती नजर आ रही है। पार्टी के वरिष्ठ राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने अपने पद और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, अभिनेत्री और राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक के भी जल्द इस्तीफा देने की अटकलों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी की चिंता बढ़ा दी है।
सुखेंदु शेखर रॉय का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब टीएमसी पहले से ही पश्चिम बंगाल में आंतरिक असंतोष और बगावत जैसी परिस्थितियों का सामना कर रही है। पिछले कुछ दिनों से पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आए हैं और कई नेताओं ने नेतृत्व शैली को लेकर सवाल उठाए हैं। रॉय भी हाल के दिनों में पार्टी की स्थिति को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता जता चुके थे।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कोयल मल्लिक भी राज्यसभा की सदस्यता छोड़ सकती हैं। कोयल मल्लिक हाल ही में पश्चिम बंगाल से राज्यसभा पहुंची थीं और उनका कार्यकाल शुरू हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है। यदि वह भी इस्तीफा देती हैं तो यह टीएमसी के लिए दिल्ली की राजनीति में एक और बड़ा झटका माना जाएगा।
बताया जा रहा है कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक से पहले हुए इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। टीएमसी राज्यसभा में महत्वपूर्ण संख्या बल रखती है और किसी भी तरह की टूट या इस्तीफों का असर पार्टी की संसदीय ताकत पर पड़ सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व लगातार सांसदों और नेताओं से संपर्क बनाए हुए है ताकि असंतोष को और बढ़ने से रोका जा सके। हालांकि, मौजूदा हालात ने यह संकेत दे दिया है कि टीएमसी के सामने केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी एकजुटता बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में और सांसद या नेता पार्टी छोड़ते हैं, तो इसका असर न केवल टीएमसी की संसदीय ताकत पर पड़ेगा बल्कि विपक्षी राजनीति में उसकी भूमिका भी प्रभावित हो सकती है।