पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित ऊर्जा संकट की आशंकाओं के बीच भारत में रसोई गैस को लेकर लोगों में घबराहट का माहौल देखने को मिल रहा है। इसी वजह से देशभर में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में अचानक भारी वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार ने इस स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि देश में गैस की आपूर्ति सामान्य है और रोजाना लगभग 50 लाख एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की जा रही है।
विदेश, शिपिंग, पेट्रोलियम और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने बताया कि भारत अपनी जरूरत का करीब 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है और इसमें से लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आती है। मौजूदा वैश्विक हालात के कारण लोगों में चिंता बढ़ी है, जिससे सिलेंडर की मांग तेजी से बढ़ गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में कच्चे तेल और ईंधन की आपूर्ति अभी संतोषजनक है। देश के करीब एक लाख पेट्रोल पंपों में कहीं भी ईंधन खत्म होने की स्थिति नहीं है। इसके बावजूद कई जगहों पर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कुछ स्थानों पर सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आई हैं, जहां 900 रुपये के घरेलू सिलेंडर के लिए 1800 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में घबराहट फैलाने की कोशिश करने वाले लोग राष्ट्रहित के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने या लोगों में डर पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है।
इस बीच कुछ क्षेत्रों में लोग एहतियात के तौर पर केरोसिन जैसे वैकल्पिक ईंधन की ओर भी रुख कर रहे हैं। सरकार ने राज्यों को जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त केरोसिन उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।