जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर स्थित सेंट्रल जेल से यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत बंद दो विचाराधीन (अंडरट्रायल) कैदी चकमा देकर फरार हो गए। इस गंभीर घटना के बाद सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है और पूरे इलाके में दोनों की धरपकड़ के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।
फरार कैदियों की पहचान और दर्ज मामले
भागे हुए कैदियों पर नाबालिगों के साथ गंभीर यौन अपराध से जुड़ी धाराओं (POCSO की धारा 3 और 4) के तहत मुकदमे दर्ज हैं:
- फरमान खान: राजस्थान का रहने वाला है, जिसके खिलाफ गांदरबल जिले के लार पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है।
- मुख्तार अहमद गुज्जर: अनंतनाग का निवासी है, जिस पर श्रीनगर के सौरा थाने में केस दर्ज किया गया था।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना सामने आते ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है:
- सर्च ऑपरेशन व अलर्ट: पूरी कश्मीर घाटी में नाकेबंदी कर दी गई है और सभी मुख्य निकास मार्गों (एग्जिट पॉइंट्स) पर लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।
- विशेष टीमें: कैदियों को दोबारा पकड़ने के लिए पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया है जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
- अंदरूनी मिलीभगत की जांच: उच्च स्तर पर इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि कैदी सुरक्षा घेरा तोड़कर कैसे भागे और क्या इसमें किसी अंदरूनी व्यक्ति की संलिप्तता या लापरवाही थी।
सुरक्षा एजेंसियों ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या सुरक्षा बलों को सूचित करें।