NEET प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट से छात्रों को बड़ी राहत, दर्ज एफआईआर रद्द करने के निर्देश

NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में आंदोलन करने वाले छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली, बिहार, असम और पश्चिम बंगाल में प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर (FIR) को रद्द करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि इन प्राथमिकियों के आधार पर छात्रों पर कोई आगे की दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।

कोर्ट के आदेश की प्रमुख बातें और शर्तें

  • 20-25 जुलाई के दौरान दर्ज मामले रद्द: जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर प्रदर्शनों के दौरान दर्ज कुल 13 एफआईआर को लेकर यह राहत दी गई है। यदि किसी अन्य राज्य में भी इसी घटना से संबंधित मामला लंबित है, तो उस पर भी जांच आगे न बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • अपराधिक पृष्ठभूमि वालों को छूट नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन 2,873 लोगों पर पहले से अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन पर पुलिस अपनी कार्रवाई जारी रख सकती है।
  • साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का निर्देश: संबंधित राज्य सरकारों और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदर्शन के दौरान के सभी सीसीटीवी, ड्रोन, बॉडी-कैमरा फुटेज और वायरलेस कम्युनिकेशन रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं।
  • मुआवजा नीति और बातचीत की अपील: NEET 2026 के दौरान आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिजनों को मुआवजा देने के लिए 3 महीने के भीतर नीति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

अदालत के इस रुख के बाद छात्र संगठनों ने 5 सितंबर को प्रस्तावित अपना मार्च वापस लेने का निर्णय लिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *