देश भर में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए राहत की खबर दी है। संगठन का कहना है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और आगामी त्योहारी सीजन की मांग को आसानी से पूरा करने के लिए बाजार में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
कीमतों में उछाल की वजह और बाजार के हालात
- घबराहट में खरीदारी (Panic Buying): ISMA के मुताबिक हालिया तेजी की मुख्य वजह वास्तविक कमी नहीं, बल्कि पैनिक बाइंग और सट्टेबाजी है। खराब मौसम से उत्पादन प्रभावित होने की खबरों ने बाजार में अनावश्यक चिंता बढ़ाई।
- त्योहारी सीजन के लिए तैयारी: अगस्त से नवंबर के दौरान गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों पर चीनी की मांग काफी बढ़ जाती है। संगठन ने भरोसा जताया है कि यह मांग आसानी से पूरी होगी, इसलिए घबराकर स्टॉक करने की जरूरत नहीं है।
- आयात से मिलेगी राहत: सरकार ने आपूर्ति बनाए रखने के लिए 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त (duty-free) आयात को मंजूरी दे दी है।
अतिरिक्त सप्लाई बाजार में पहुंचते ही और घबराहट की खरीदारी थमते ही जल्द ही चीनी की कीमतों में नरमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।