नेपाल-तिब्बत में फिर कांपी धरती, बाढ़ की तबाही के बीच 5 तीव्रता का भूकंप; 100 नेपाली लापता

काठमांडू: नेपाल और तिब्बत में हालिया बाढ़ और भूस्खलन की तबाही के बीच गुरुवार को तिब्बत में 5 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र नेपाल सीमा से करीब 55 किलोमीटर दूर और उत्तराखंड के जोशीमठ से लगभग 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में बताया गया है। इसकी गहराई जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे थी। फिलहाल भूकंप से किसी बड़े नुकसान या लोगों के घायल होने की सूचना नहीं है।

⚠️ कम गहराई का भूकंप, इसलिए बढ़ सकती है चिंता

भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से काफी कम गहराई पर था। आमतौर पर उथली गहराई पर आने वाले भूकंपों की ऊर्जा सतह तक अपेक्षाकृत जल्दी पहुंचती है, जिससे नुकसान की आशंका बढ़ सकती है। हालांकि, इस भूकंप के बाद अभी तक किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।

🌊 बाढ़ के बाद अब भी हजारों लोग लापता

26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई थी। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, नेपाल में मृतकों की संख्या 1,252 तक पहुंच गई है, जबकि तिब्बत में भी 21 लोगों की मौत हुई है। नेपाल में करीब 4,875 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

सबसे ज्यादा शव चितवन, नवलपरासी ईस्ट, नवलपरासी वेस्ट और नुवाकोट जैसे इलाकों से बरामद हुए हैं।

🇳🇵 तिब्बत में 100 नेपाली लापता, 1,500 फंसे

बाढ़ के बाद तिब्बत के केरुंग क्षेत्र में करीब 100 नेपाली नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। वहीं लगभग 1,500 नेपाली नागरिक अभी भी केरुंग में फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की तैयारी की जा रही है।

भारत में भी बाढ़ के पानी के साथ बहकर पहुंचे कम से कम 19 शव नेपाल से जुड़े बताए गए हैं। बताया गया है कि ये शव भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी के रास्ते भारत पहुंचे।

🚨 सड़कें-पुल बहे, जिपलाइन बनी सहारा

बाढ़ में कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रभावित इलाकों में आवाजाही मुश्किल बनी हुई है। बिदुर में नेपाली सेना ने करीब 250 मीटर लंबी अस्थायी केबल क्रॉसिंग तैयार की है। इसके जरिए लोग तेज बहाव वाली नदी को पार कर रहे हैं।

धादिंग में भूस्खलन के कारण पृथ्वी हाईवे भी प्रभावित हुआ है। यह मार्ग काठमांडू को पोखरा और पश्चिमी नेपाल से जोड़ता है।

🇮🇳 भारत ने भेजी दवाइयां और रेस्क्यू टीम

आपदा के बीच भारत ने नेपाल के लिए राहत सहायता बढ़ाई है। भारत की ओर से 5 टन से अधिक जरूरी दवाओं की पांचवीं खेप भेजी गई है। इसके साथ 11 सदस्यीय विशेष रेस्क्यू टीम और 6 टन से अधिक बचाव उपकरण भी भेजे गए हैं।

नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है, लेकिन लगातार सामने आ रही प्राकृतिक चुनौतियों ने प्रभावित क्षेत्रों में मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

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