योगगुरु बाबा रामदेव ने रायपुर दौरे के दौरान देश के वर्तमान हालात, शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में किसी धर्म या जाति से बढ़कर बच्चों, युवाओं और राष्ट्र के भविष्य पर ध्यान देने की जरूरत है।
सिर्फ प्रधानमंत्री पर निर्भरता सही नहीं: बाबा रामदेव ने कहा कि अकेले प्रधानमंत्री के भरोसे पूरी व्यवस्था नहीं बदली जा सकती। देश में कई सुधार हुए हैं, लेकिन समस्याएं केवल रोजगार तक सीमित नहीं हैं—पर्यावरण, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दे भी उतने ही गंभीर हैं।
आंदोलनों से बच्चों को रखें दूर: बाबा रामदेव ने कहा कि “न हिंदू खतरे में है, न मुसलमान और न ही कोई जाति… खतरे में भारतीय बचपन है।” उन्होंने चिंता जताई कि कुछ लोग अपने आंदोलनों में छोटे बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए आंदोलन जरूरी हैं, लेकिन बच्चों को इनसे दूर रखना चाहिए।
वंदे मातरम पर राजनीति गलत: वंदे मातरम को लेकर चल रही बयानबाजी पर उन्होंने कहा कि यह देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है, जिस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। राष्ट्रहित और राष्ट्रधर्म हमेशा सर्वोपरि होना चाहिए।
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग: उन्होंने शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण पर चिंता जताते हुए कहा कि देश में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए समाज को मिलकर काम करना होगा।