दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा CJP आंदोलन एक बार फिर चर्चा में है। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। देर रात बड़ी संख्या में समर्थक दोबारा धरना स्थल पर पहुंचे, जिसके बाद आंदोलन को फिर से शुरू कर दिया गया।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ऐलान किया कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी किसी भी दबाव में पीछे हटने वाले नहीं हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे।
इस बीच पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने भी आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि छात्रों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। दिलजीत ने कहा, “लोगों की आवाज़ ही सबसे बड़ी ताकत होती है।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके बयान पर विवाद हो सकता है, लेकिन छात्रों के हित में बोलना जरूरी है।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शन के दौरान स्थिति हिंसक हो गई, जिसमें 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके बाद संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने नागरिकों से अफवाहों से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
सुरक्षा के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस ने कई राज्यों की पुलिस को अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान से दिल्ली आने वाले प्रदर्शनकारियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि संसद के मानसून सत्र के दौरान राजधानी की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
इस घटनाक्रम की गूंज संसद में भी सुनाई दी। विपक्ष ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर सरकार से जवाब मांगा है, जबकि आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और राजनीतिक बहस दोनों किस दिशा में जाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।