श्रीनगर/नई दिल्ली: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। खामेनेई की मौत के विरोध में श्रीनगर समेत घाटी के कई हिस्सों में लगातार दूसरे दिन भी बंद (शटडाउन) रहा। स्थानीय शिया समुदायों द्वारा किए जा रहे इन प्रदर्शनों के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
सड़कों पर कंटीले तार और कड़ी सुरक्षा
प्रदर्शनों की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने श्रीनगर की मुख्य सड़कों को कंटीले तारों और बैरिकेड्स से ब्लॉक कर दिया है। प्रदर्शनकारियों की हर गतिविधि पर सेना और सुरक्षाबलों की पैनी नजर है। सोमवार को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें भी हुई थीं, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा। पुंछ, शोपियां, बारामूला और बांदीपोरा जैसे इलाकों में भी बाजार पूरी तरह बंद रहे और सड़कों से बसें नदारद दिखीं।
पीएम मोदी ने संभाली कमान: 5 देशों के प्रमुखों से की बात
मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक मोर्चा संभाल लिया है। पिछले 48 घंटों में पीएम मोदी ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, बहरीन के किंग, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और जॉर्डन के राजा से फोन पर बात की है। प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों में रह रहे करीब 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा और वहां के ताजा हालातों पर चर्चा की।
एयरलिफ्ट और स्पेशल फ्लाइट्स
युद्ध के खतरे के बीच खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। सोमवार देर रात यूएई से 4 फ्लाइट्स दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु पहुंचीं। यात्रियों ने आपबीती बताते हुए कहा कि वहां स्थिति काफी डरावनी है और धमाकों की आवाजें सुनी जा सकती हैं। इंडिगो और एअर इंडिया एक्सप्रेस जैसी एयरलाइंस जेद्दा, मस्कट और अबू धाबी से विशेष उड़ानें संचालित कर रही हैं ताकि भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा सके।
भारत सरकार का अलर्ट
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। विशेष रूप से भड़काऊ भाषणों और सोशल मीडिया पोस्ट पर निगरानी रखने को कहा गया है ताकि देश की आंतरिक शांति भंग न हो। जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।