सीसीए के ‘मिलाप 2026’ में बड़ा फैसला — रात 12 बजे के बाद केवल मेन कोर्स; जनरेटर, सफाई व भवन संबंधी खर्चों पर पहले से होगी स्पष्टता
रायपुर। यदि आपके परिवार में आने वाले समय में शादी, रिसेप्शन या कोई बड़ा आयोजन होने वाला है, तो कैटरिंग से जुड़ी यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ की कैटरिंग इंडस्ट्री को संगठित और अधिक प्रोफेशनल बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कैटरर्स एसोसिएशन (सीसीए) द्वारा आयोजित “मिलाप 2026 – द ग्रैंड कैटरर्स मीट” में कैटरर और ग्राहक—दोनों के हित में कई महत्वपूर्ण कार्य-मानकों पर सहमति बनी।
द चौहान एम्पीरियन, टाटीबंध, रायपुर में आयोजित मिलाप 2026 में प्रदेशभर से 200 से अधिक कैटरर्स शामिल हुए। कार्यक्रम में सीसीए ने “टुगेदर वी एग्री” पहल के अंतर्गत ऐसे व्यावहारिक नियम सामने रखे, जिनका उद्देश्य बुकिंग के समय ही ग्राहक और कैटरर के बीच जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना है, ताकि आयोजन के दौरान अनावश्यक भ्रम और विवाद की स्थिति न बने।
रात 12 बजे के बाद केवल मेन कोर्स
सीसीए द्वारा साझा किए गए महत्वपूर्ण मानकों में तय किया गया कि रात्रि 12 बजे तक संपूर्ण निर्धारित मेन्यू की सेवा उपलब्ध रहेगी, जबकि रात 12 बजे के बाद केवल मेन कोर्स की सेवा जारी रखी जाएगी। देर रात तक सभी लाइव काउंटर एवं संपूर्ण मेन्यू चालू रखने की व्यवस्था को सामान्य सेवा का हिस्सा नहीं माना जाएगा।
इसी तरह वेन्यू अथवा भवन से जुड़े जनरेटर, सफाई आदि खर्च कैटरर के खाते में नहीं जोड़े जाएंगे। इनकी जिम्मेदारी और व्यवस्था ग्राहक अथवा आयोजन पक्ष के साथ पहले ही स्पष्ट की जाएगी।
साथ ही इवेंट, टेंट एवं अन्य वर्किंग स्टाफ के भोजन की व्यवस्था भी कैटरर की सामान्य जिम्मेदारी में नहीं होगी और इसकी व्यवस्था ग्राहक पक्ष द्वारा की जाएगी। सीसीए का प्रयास है कि इन सभी शर्तों की जानकारी आयोजन से पहले ही ग्राहक को स्पष्ट रूप से दी जाए, जिससे बाद में किसी तरह का भ्रम या विवाद न हो।
चौहान ग्रुप ने मंच से दिया बड़ा सहयोग
मिलाप 2026 में इस पहल को उस समय विशेष प्रोत्साहन मिला, जब द चौहान एम्पीरियन के संचालक श्री अजय चौहान स्वयं कार्यक्रम में उपस्थित हुए।
उन्होंने कैटरिंग व्यवसाय को व्यवस्थित करने की सीसीए की इस पहल की सराहना करते हुए आश्वस्त किया कि चौहान ग्रुप द्वारा छत्तीसगढ़ अंचल में संचालित उनके सभी वेन्यूज़ पर आगामी एक वर्ष तक कैटरर्स से किसी भी प्रकार का सफाई शुल्क अथवा जनरेटर शुल्क नहीं लिया जाएगा।
उनकी इस घोषणा का कार्यक्रम में उपस्थित कैटरर्स ने जोरदार स्वागत किया और इसे कैटरिंग इंडस्ट्री तथा वेन्यू संचालकों के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
छह वरिष्ठ कैटरर्स को बनाया गया संरक्षक
कार्यक्रम में सीसीए के छह वरिष्ठ संरक्षकों—श्री डोल प्रसाद जी (रायपुर), श्री मनोज जी शर्मा (खरसिया), श्री दिलीप जी सांखला (खैरागढ़), श्री प्रेम जी जैन (दुर्ग), श्री हरुभाई हरगोविंद जी (बिलासपुर) एवं श्री बाबूलाल जी पालीवाल (रायपुर)—का सम्मान एवं परिचय कराया गया।
संस्था का नेतृत्व अध्यक्ष श्री राजेश नथवानी (बंटी भाई), भिलाई कर रहे हैं। श्री विजय स्वामी एवं श्री लोकेश अग्रवाल, रायपुर उपाध्यक्ष, श्री दीपेश जैन, भिलाई सेक्रेटरी तथा श्री राजेंद्र सिंह, रायपुर ट्रेजरर का दायित्व संभाल रहे हैं।
कार्यक्रम में सीए महावीर जैन ने जीएसटी संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करते हुए कैटरर्स की जिज्ञासाओं का समाधान किया। वहीं लेखक एवं कॉर्पोरेट ट्रेनर गोल्डी अंबवानी ने बिजनेस, लीडरशिप और पॉजिटिव सोच पर अपने प्रेरक सेशन के माध्यम से उपस्थित सदस्यों में नई ऊर्जा का संचार किया।
नेटवर्किंग, एंटरटेनमेंट, लकी ड्रॉ और शानदार भोजन के बीच मिलाप 2026 ने प्रदेश की कैटरिंग बिरादरी को एक मंच पर जोड़ने के साथ भविष्य के लिए एक नई दिशा देने का काम किया।
सीसीए पदाधिकारियों के अनुसार इन नियमों का उद्देश्य ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ डालना नहीं, बल्कि “पहले स्पष्टता, फिर बेहतर सेवा” की कार्यसंस्कृति विकसित करना है, ताकि ग्राहक और कैटरर दोनों अपनी जिम्मेदारियों को पहले से समझें और आयोजन अधिक व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
सीसीए का संदेश — “नियम स्पष्ट होंगे तो आयोजन और रिश्ते, दोनों बेहतर होंगे।”
टुगेदर वी सर्व, टुगेदर वी ग्रो।