देश के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने आवारा कुत्तों (Stray Dogs) के बढ़ते खतरे और प्रबंधन को लेकर एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष न्यायालय ने छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) समेत देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे तत्काल प्रभाव से आवारा कुत्तों का नसबंदी कार्यक्रम (Sterilization Program) चलाएं।
कोर्ट का मुख्य आदेश:
- नसबंदी और आश्रय: सभी आवारा कुत्तों का नसबंदी (sterilization) करके उन्हें शेल्टर होम (Shelter Home) में रखा जाए।
- सड़कें हों मुक्त: न्यायालय ने सख्त आदेश दिया है कि सड़कों, स्कूल-कॉलेजों, अस्पतालों के साथ-साथ हाइवे और एक्सप्रेस-वे पर एक भी आवारा कुत्ता नहीं दिखना चाहिए।
- कार्यान्वयन समय-सीमा: सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस महत्वपूर्ण आदेश को 8 सप्ताह (8 weeks) के भीतर अनिवार्य रूप से लागू (must be implemented) करने का समय निर्धारित किया है।
- राजस्थान HC के आदेश का पालन: कोर्ट ने राज्यों को राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) के संबंधित आदेश को भी लागू करने का निर्देश दिया है।
यह फैसला सार्वजनिक सुरक्षा और पशु कल्याण दोनों के संतुलन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।