जशपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के समापन के अवसर पर मंगलवार (28 अक्टूबर 2025) सुबह अपनी पत्नी कौशल्या साय के साथ जशपुर जिले के कुनकुरी घाट पर सूर्यदेव की आराधना की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक आम श्रद्धालु की तरह पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया। वे स्वयं अपने सिर पर पूजा का सूप (सूपा) रखकर घाट तक पहुंचे और पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना में शामिल हुए। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मिलकर उगते हुए सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित किया। अर्घ्य देने के बाद, मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और नागरिकों के दीर्घायु होने की कामना की।
36 घंटे के निर्जला व्रत का समापन
छठ पूजा का यह अंतिम अनुष्ठान, चार दिवसीय महापर्व के समापन का प्रतीक है। व्रती महिलाएं और पुरुष, जो खरना के बाद से 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत रख रहे थे, उन्होंने आज उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही अपना व्रत सफलतापूर्वक पूरा किया। यह व्रत मुख्य रूप से संतान सुख, संतान की दीर्घायु और पारिवारिक सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है।
प्रदेश भर में उमड़ा आस्था का सैलाब
कुनकुरी घाट पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं के उत्साह को बढ़ाया। हालांकि, बलौदा बाजार समेत प्रदेश भर के घाटों पर बड़ी संख्या में व्रती महिलाओं और आम नागरिकों का सैलाब उमड़ा।
मौसम के कारण सूर्योदय के समय आसमान में बादल छाए रहे, जिससे व्रती महिलाओं को कुछ देर तक सूर्य दर्शन करने में कठिनाई हुई। इसके बावजूद, श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई और उन्होंने भक्ति-भाव से अपनी पूजा संपन्न की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्वयं सिर पर सूपा लेकर घाट पहुंचना और आमजन के बीच पूजा करना, इस पर्व के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा और जन-जुड़ाव को दर्शाता है।