बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारत से मांगी मदद: कहा – “पाकिस्तान से आजादी दिलाने में हमारी सहायता करें”

बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारत से मांगी मदद: कहा - "पाकिस्तान से आजादी दिलाने में हमारी सहायता करें"

बलूचिस्तान में जारी मानवाधिकार उल्लंघन और पाकिस्तान के कथित दमनकारी शासन के बीच एक प्रमुख बलूच नेता ने भारत सरकार से ऐतिहासिक हस्तक्षेप की अपील की है। बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारत के प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बलूचिस्तान की स्वतंत्रता के संघर्ष में नैतिक और कूटनीतिक समर्थन मांगा है।

पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी अपील

मीर यार बलूच ने अपने संदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि बलूच जनता लंबे समय से अत्याचार सह रही है और अब समय आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर भारत, इस क्षेत्र में शांति और न्याय स्थापित करने के लिए आगे आए। उन्होंने भारत को दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और एक जिम्मेदार पड़ोसी बताते हुए कहा कि जिस तरह भारत ने 1971 में बांग्लादेश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, वैसी ही उम्मीद बलूच जनता अब भारत से कर रही है।

मानवाधिकारों का मुद्दा और क्षेत्रीय तनाव

पत्र में बलूचिस्तान के भीतर ‘जबरन गायब किए जाने’ (Enforced Disappearances), सैन्य अभियानों और संसाधनों के दोहन का जिक्र किया गया है। बलूच समूहों का आरोप है कि पाकिस्तान की सरकार और सेना चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के नाम पर उनकी जमीनों पर कब्जा कर रही है, जबकि स्थानीय लोगों को गरीबी और असुरक्षा के साये में जीने को मजबूर किया जा रहा है।

भारत के रुख पर दुनिया की नजर

हालांकि भारत का आधिकारिक रुख हमेशा बलूचिस्तान को पाकिस्तान का आंतरिक मामला बताने का रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से बलूचिस्तान के लोगों का जिक्र करने के बाद इस विमर्श ने नई गति पकड़ी है। मीर यार बलूच का यह ताजा पत्र न केवल पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक चिंता का विषय है, बल्कि यह विश्व पटल पर बलूच आंदोलन की गूँज को और तेज करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *