रायपुर: छत्तीसगढ़ में होली का त्योहार बीतते ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों को बेहाल करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग से प्राप्त ताज़ा जानकारी के अनुसार, राज्य में गर्मी का असर लगातार तेज हो रहा है, जिसमें राजनांदगांव जिला सबसे गर्म दर्ज किया गया है।
राजनांदगांव में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। राजनांदगांव जिले में अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। राजधानी रायपुर में भी गर्मी का प्रभाव साफ देखा जा रहा है, जहाँ आसमान मुख्य रूप से साफ है और अधिकतम तापमान 38°C के आसपास रहने का अनुमान है।
अंबिकापुर में अब भी बनी है ठंडक एक तरफ जहाँ मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश बढ़ रही है, वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में अब भी हल्की ठंड महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 12.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे कम रहा। इससे स्पष्ट है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में भारी अंतर देखा जा रहा है।
क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक? मौसम विज्ञानियों के अनुसार, वर्तमान में उत्तरी ओडिशा और उससे सटे पश्चिम बंगाल के ऊपर समुद्र तल से लगभग 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, एक द्रोणिका (Trough) उत्तरी उत्तर प्रदेश से होकर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड होते हुए ओडिशा तक फैली हुई है। हालांकि, इन प्रणालियों का छत्तीसगढ़ के मौसम पर फिलहाल कोई बड़ा प्रभाव नहीं दिख रहा है, जिसके कारण मौसम शुष्क बना हुआ है।
अगले 7 दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि अगले एक सप्ताह तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। प्रदेश में बारिश के आसार फिलहाल नहीं हैं और मौसम मुख्य रूप से शुष्क ही रहेगा। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। रायपुर में न्यूनतम तापमान 21°C के आसपास रहने की संभावना है।
सावधानी की सलाह बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने, अधिक पानी पीने और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है ताकि लू और डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।