कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सियासत में आज एक नए युग का उदय हुआ है। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी को आधिकारिक तौर पर बंगाल बीजेपी विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। कोलकाता में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुवेंदु के नाम पर मुहर लगा दी। इसी के साथ अब यह साफ हो गया है कि सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
सर्वसम्मति से हुआ फैसला
कोलकाता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में बीजेपी के सभी नवनिर्वाचित विधायक शामिल हुए। अमित शाह ने बताया कि सुवेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। सुवेंदु ने इस चुनाव में न केवल नंदीग्राम में अपनी जीत बरकरार रखी, बल्कि भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक मतों से हराकर खुद को एक अजेय जननेता के रूप में स्थापित किया है।
9 मई को भव्य शपथ ग्रहण समारोह
सुवेंदु अधिकारी कल यानी 9 मई 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि कल रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है। शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है।
सुवेंदु का पहला संबोधन: ‘सबका साथ, सबका विकास’
मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य बंगाल में ‘सोनार बांग्ला’ के सपने को साकार करना होगा। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और बंगाल को फिर से देश की सांस्कृतिक राजधानी बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों की फाइलें फिर से खोली जाएंगी।
क्यों अहम है सुवेंदु का चयन?
- ममता को दी मात: सुवेंदु ने बंगाल की सबसे ताकतवर नेता ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ भवानीपुर में धूल चटाई।
- बीजेपी की ऐतिहासिक जीत: उनके नेतृत्व और जमीनी रणनीति की बदौलत बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर 15 साल पुराने टीएमसी के शासन को खत्म किया।
- जमीनी पकड़: सुवेंदु को बंगाल की नब्ज पहचानने वाला नेता माना जाता है, जिन्होंने टीएमसी के कैडर आधारित शासन को कड़ी चुनौती दी।
बंगाल अब एक बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक बदलाव की ओर बढ़ रहा है। सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही राज्य में विकास की नई इबारत लिखे जाने की उम्मीद जताई जा रही है।