ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीय समुदाय ने जोरदार स्वागत किया। एक विशाल कार्यक्रम में 30 हजार से अधिक भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की बात कही। इस दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी।
प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के बीच हुई वार्ता में ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम आपूर्ति का रास्ता और मजबूत हुआ। यह समझौता भारत की स्वच्छ ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। भारत ने वर्ष 2047 तक परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बड़े स्तर पर बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स यानी लिथियम, कोबाल्ट और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर भी सहमति बनी। ये खनिज इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर, बैटरी और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। दोनों देशों ने इस क्षेत्र में निवेश और सहयोग बढ़ाने का फैसला किया।
इसके अलावा रक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर भी दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। संयुक्त सैन्य अभ्यास, खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया भर में बसे भारतीय भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहे हैं। वहीं ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने भी भारतीय समुदाय के योगदान की प्रशंसा की और दोनों देशों की मित्रता को और मजबूत बनाने का भरोसा जताया।