नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद उपजे गंभीर संकट के बीच भारत की त्वरित राहत और बचाव सहायता पर नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने गहरा आभार व्यक्त किया है। 2 सितंबर को नेपाल की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री शाह ने संकट की इस घड़ी में भारत की तरफ से मिली मदद की सराहना की और संसद में ‘थैंक्यू इंडिया’ कहकर आभार जताया।
राहत सामग्री और रेस्क्यू टीमों की सहायता
- राहत सामग्री की 5वीं खेप: भारत की ओर से लगातार नेपाल को मानवीय सहायता भेजी जा रही है, जिसमें खाद्य सामग्री, आवश्यक दवाइयां, पुल निर्माण सामग्री और डीएनए विशेषज्ञों की टीम शामिल है। बुधवार को राहत सामग्री की 5वीं खेप काठमांडू पहुंची।
- रेस्क्यू टीमों की तैनाती: राहत व बचाव कार्यों को गति देने के लिए भारत ने 11 सदस्यीय विशेष रेस्क्यू टीम भेजी है।
- शुरुआती तकनीकी सहयोग: बालेन शाह ने बताया कि आपदा के पहले ही दिन भारत और चीन से तकनीकी विशेषज्ञों के दल पहुंच गए थे, जिन्होंने नुकसान के त्वरित आकलन और राहत रणनीति बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पीएम मोदी ने जताया था शोक, भारत ने दिया हर संभव मदद का भरोसा
इससे पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से टेलीफोन पर बात कर इस भीषण आपदा में हुई जनहानि पर गहरी संवेदना व्यक्त की थी और भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता का भरोसा दिया था।
नेपाल में इस आपदा के कारण 1,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग अब भी लापता हैं। संसद में विदेशी सहायता पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए बालेन शाह ने स्पष्ट किया कि इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा के समय मित्र देशों के सहयोग को स्वीकार करना बेहद आवश्यक है, और नेपाल इस सहयोग के लिए भारत का आभारी है।