NEET री-एग्जाम के लिए मिशन मोड में उतरी वायुसेना, 4 दिनों में 200 से ज्यादा उड़ानों से पहुंचाए प्रश्नपत्र

NEET re-exam

NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय वायुसेना मिशन मोड में काम कर रही है। 21 जून को होने वाली परीक्षा से पहले वायुसेना ने देशभर के विभिन्न केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए पिछले चार दिनों में 200 से अधिक उड़ानें संचालित की हैं। यह अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक मानी जा रही है।

जानकारी के अनुसार, 13 जून से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत प्रश्नपत्रों को देश के 18 प्रमुख वितरण केंद्रों तक एयरलिफ्ट किया गया। इसके लिए भारतीय वायुसेना के विभिन्न विमान और हेलीकॉप्टरों की मदद ली गई, ताकि प्रश्नपत्र समय पर और पूरी सुरक्षा के साथ निर्धारित स्थानों तक पहुंच सकें।

गौरतलब है कि NEET-UG 2026 की मूल परीक्षा को पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया। परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ाया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, प्रश्नपत्रों की ढुलाई के दौरान मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और परीक्षा से जुड़े अधिकारी पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी और कड़े सुरक्षा प्रबंध भी किए गए हैं।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या कथित पेपर लीक के दावों पर भरोसा न करें। एजेंसी का कहना है कि प्रश्नपत्र पूरी तरह सुरक्षित हैं और परीक्षा निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रश्नपत्रों के परिवहन में भारतीय वायुसेना की भागीदारी परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाएगी तथा लाखों छात्रों का भरोसा बहाल करने में मदद करेगी। देशभर के करीब 22 लाख अभ्यर्थी इस महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *