छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त गश्ती दल ने जंगल और पहाड़ी इलाकों में छिपाकर रखे गए नक्सलियों के डंप का पर्दाफाश करते हुए राइफल, विस्फोटक सामग्री और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
संयुक्त गश्ती दल की सतर्कता से नाकाम हुई साजिश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की बटालियन और सुकमा जिला बल की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई। सुरक्षाबल के जवान इलाके में सर्चिंग अभियान पर निकले थे। इसी दौरान गोंदपल्ली और आसपास के घने जंगलों व पहाड़ियों में सुरक्षाबलों को नुकसान पहुँचाने की नीयत से छिपाकर रखे गए नक्सली डंप की जानकारी मिली। सतर्कता बरतते हुए जवानों ने जब गहन तलाशी ली, तो वहां से हथियारों का जखीरा बरामद हुआ।
बरामद हथियारों और गोला-बारूद का विवरण
सुरक्षाबलों द्वारा बरामद की गई सामग्रियों में शामिल हैं:
- हथियार: बोल्ट एक्शन राइफल, भरमार (मज़ल-लोडिंग) बंदूकें और 12-बोर सिंगल बैरल राइफल।
- अम्मुनिशन (कारतूस): 7.62 मिमी एसएलआर (SLR) राइफल के 150 जिंदा कारतूस, 5.56 मिमी इंसास (INSAS) राइफल के 150 जिंदा कारतूस और .303 राइफल के 100 जिंदा कारतूस।
- अन्य सामग्री: मैगजीन, नक्सली साहित्य और दैनिक उपयोग के सामान।
बैकफुट पर नक्सली संगठन
क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिले में सुरक्षाबलों के लगातार बढ़ते दबाव और अंदरूनी इलाकों में स्थापित नए सुरक्षा कैंपों के कारण नक्सली संगठन बुरी तरह कमजोर हो चुका है। सुरक्षाबल के जवानों को निशाना बनाने के इरादे से जंगलों में छिपाए गए इस डंप के ध्वस्त होने से नक्सलियों के नेटवर्क और रसद आपूर्ति को बड़ा झटका लगा है। क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान अभी भी जारी है।