मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने सेना को गाजा पट्टी के 70 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा करने का निर्देश दिया है। इस फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध और मानवीय संकट और गहराने की आशंका बढ़ गई है।
Benjamin Netanyahu ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि इजराइली सेना फिलहाल गाजा के करीब 60 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण रखती है और अब इसे बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक ले जाने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि Hamas को चारों तरफ से घेरा जा रहा है और सैन्य अभियान जारी रहेगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कदम 2025 में हुए संघर्षविराम समझौते की शर्तों के खिलाफ माना जा रहा है। उस समझौते के तहत इजराइल को सीमित सैन्य नियंत्रण रखना था, लेकिन अब इजराइली सेना लगातार अपने कब्जे वाले इलाकों का विस्तार कर रही है।
गाजा में हालात पहले से ही बेहद खराब बताए जा रहे हैं। लगातार हवाई हमलों और सैन्य कार्रवाई के कारण हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं। राहत एजेंसियों का कहना है कि बड़ी आबादी सुरक्षित इलाकों की तलाश में भटक रही है और खाने-पीने व दवाइयों की भारी कमी हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Benjamin Netanyahu का यह फैसला केवल सैन्य रणनीति नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश भी है। इजराइल के भीतर बढ़ते दबाव और Hamas के खिलाफ सख्त कार्रवाई दिखाने के लिए सरकार लगातार आक्रामक रुख अपना रही है।
दूसरी ओर फिलिस्तीनी संगठनों ने इस कदम को गाजा पर स्थायी कब्जे की कोशिश बताया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस फैसले को लेकर चिंता बढ़ रही है। कई देशों और मानवाधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि इससे क्षेत्र में हिंसा और बढ़ सकती है और शांति वार्ता को बड़ा झटका लग सकता है।