पश्चिम बंगाल सरकार ने महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए राज्य में सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा योजना लागू करने का आदेश जारी कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य की लाखों महिलाएं बिना किराया दिए सरकारी बसों में सफर कर सकेंगी। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक राहत देना और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
सरकारी आदेश के मुताबिक, राज्य परिवहन निगम की बसों और कई सरकारी रूटों पर चलने वाली सेवाओं में महिलाओं से किराया नहीं लिया जाएगा। योजना लागू होने के बाद महिला यात्रियों को टिकट के बदले विशेष पास या पहचान सत्यापन की सुविधा दी जा सकती है। परिवहन विभाग ने इसके लिए अलग दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
राज्य सरकार का मानना है कि महंगाई और बढ़ते यात्रा खर्च के बीच यह योजना कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली यात्रियों के लिए काफी मददगार साबित होगी। सरकार ने कहा कि इससे महिलाओं की आवाजाही आसान होगी और वे शिक्षा, नौकरी तथा अन्य जरूरी कामों के लिए ज्यादा स्वतंत्र रूप से सफर कर सकेंगी।
इस फैसले को लेकर राज्य की राजनीति भी गर्मा गई है। विपक्ष ने इसे आगामी चुनावों से जोड़ते हुए राजनीतिक कदम बताया, जबकि सत्तारूढ़ दल ने कहा कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा फैसला है। कई महिला संगठनों और यात्रियों ने योजना का स्वागत किया है और इसे आम महिलाओं के लिए राहत भरा कदम बताया है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, योजना लागू होने के बाद बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसके लिए अतिरिक्त बस सेवाएं और संचालन व्यवस्था मजबूत करने पर भी काम किया जा रहा है। सरकार जल्द ही योजना की आधिकारिक शुरुआत की तारीख और संचालन से जुड़े विस्तृत नियमों की घोषणा कर सकती है।