ईरान में मौजूदा हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद देश की शीर्ष नेतृत्व व्यवस्था पूरी तरह गुप्त तरीके से काम कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei का बाहरी दुनिया से सीधा संपर्क लगभग कट चुका है और अब सरकार का काम संदेशवाहकों यानी खास दूतों के जरिए चलाया जा रहा है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार Mojtaba Khamenei एक गुप्त और सुरक्षित स्थान पर छिपे हुए हैं। यहां तक कि ईरान सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी उनकी लोकेशन की जानकारी नहीं है। उनसे संपर्क करने के लिए एक विशेष “कूरियर नेटवर्क” बनाया गया है, जिसके जरिए संदेश पहुंचाए और वापस लिए जा रहे हैं।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में भी इसी वजह से देरी हो रही है। जब अमेरिका की ओर से कोई प्रस्ताव भेजा जाता है, तो उसे सर्वोच्च नेता तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इसके बाद जवाब आने में भी लंबा वक्त लग रहा है।
बताया जा रहा है कि अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियों ने हाल के महीनों में ईरान के कई बड़े सैन्य और राजनीतिक नेताओं की लोकेशन ट्रैक कर कार्रवाई की थी। इसी कारण अब ईरानी नेतृत्व बेहद सतर्क हो गया है। कई अधिकारी भूमिगत बंकरों में रह रहे हैं और इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन से बच रहे हैं।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि Mojtaba Khamenei हालिया हमलों में घायल हुए थे, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उनके सार्वजनिक रूप से सामने न आने से अटकलें और तेज हो गई हैं। ईरानी मीडिया लगातार उनके संदेश जारी कर रहा है, लेकिन लंबे समय से उनकी कोई लाइव उपस्थिति देखने को नहीं मिली है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया की नजर अब ईरान की अंदरूनी स्थिति और अमेरिका-ईरान संबंधों पर टिकी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर भी पड़ सकता है।