सावधान! LPG बुकिंग का एक मैसेज कर सकता है आपको कंगाल, सरकार ने जारी किया ‘रेड अलर्ट’

LPG BOOKING

नई दिल्ली/रायपुर: देश में एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर फैली खबरों के बीच साइबर ठगों ने ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका ढूंढ निकाला है। सरकार ने इस संबंध में ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए आम जनता को चेतावनी दी है कि एलपीजी बुकिंग के नाम पर आने वाले फर्जी मैसेज आपको आर्थिक रूप से बर्बाद कर सकते हैं।

क्या है पूरा मामला? भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के तहत काम करने वाली विंग ‘CyberDost’ ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी है कि जालसाज लोगों के डर और जल्दबाजी का फायदा उठा रहे हैं। देश के कुछ हिस्सों में गैस की कमी की अफवाहों का लाभ उठाते हुए ठग लोगों को एसएमएस और व्हाट्सएप पर फर्जी मैसेज भेज रहे हैं। इन मैसेज में दावा किया जाता है कि “गैस की भारी किल्लत है, अगर आपने अभी बुकिंग नहीं की तो सिलेंडर नहीं मिलेगा।”

कैसे की जा रही है ठगी? ठगी के इस खेल में स्कैमर्स मुख्य रूप से तीन तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं:

  1. फर्जी लिंक: मैसेज में एक लिंक दिया जाता है जो दिखने में बिल्कुल आधिकारिक गैस एजेंसी की वेबसाइट जैसा होता है। जैसे ही यूजर इस पर क्लिक करता है, उससे उसकी बैंकिंग डिटेल्स और व्यक्तिगत जानकारी मांग ली जाती है।
  2. नकली ऐप्स: कुछ मामलों में ग्राहकों को भारी छूट का लालच देकर एक ‘APK’ फाइल या ऐप डाउनलोड करने को कहा जाता है, जो असल में एक स्पाइवेयर (Spyware) होता है और फोन का पूरा कंट्रोल हैकर्स को दे देता है।
  3. QR कोड स्कैम: बुकिंग कन्फर्म करने या पेमेंट करने के नाम पर क्यूआर कोड स्कैन कराया जाता है, जिससे खाते से पैसे कट जाते हैं।

सरकार द्वारा जारी सुरक्षा के उपाय साइबर विशेषज्ञों और सरकार ने इस स्कैम से बचने के लिए निम्नलिखित गाइडलाइंस जारी की हैं:

  • आधिकारिक माध्यम का ही करें उपयोग: एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए हमेशा आधिकारिक ऐप्स (जैसे Indane, HPPay, या BPCL SmartLine) या कंपनी की अधिकृत वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें।
  • अनजान लिंक पर न करें क्लिक: किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें, चाहे उसमें कितना भी बड़ा डिस्काउंट क्यों न दिया गया हो।
  • गोपनीय जानकारी साझा न करें: बैंक ओटीपी, पिन या पासवर्ड कभी भी किसी के साथ साझा न करें। कोई भी गैस एजेंसी फोन पर ऐसी जानकारी नहीं मांगती।
  • पैनिक न करें: गैस की कमी की खबरों से घबराकर किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन में न फंसें।

ठगी होने पर क्या करें? यदि आप या आपके आसपास कोई इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। सतर्कता ही इस डिजिटल युग में आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकती है।

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