मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा इजराइल पर मिसाइल हमले किए जाने के बाद इजराइल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के अनुसार इजराइली वायुसेना ने तेहरान समेत ईरान के कई प्रमुख शहरों में सैन्य ठिकानों और मिसाइल लॉन्चिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले किए हैं।
जानकारी के मुताबिक, ईरान ने इजराइल की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसके बाद इजराइल की एयर डिफेंस प्रणाली सक्रिय हो गई। इजराइली सेना (IDF) ने दावा किया कि अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। यह अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद ईरान का पहला बड़ा सीधा हमला माना जा रहा है।
इसके जवाब में इजराइल ने ईरान के मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में स्थित सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। हमलों के दौरान तेहरान, इस्फहान, तबरीज और कराज सहित कई शहरों में विस्फोटों की खबरें सामने आईं। इजराइली अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमता को कमजोर करना था।
ईरान ने इजराइल की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे तो उसका जवाब और अधिक व्यापक होगा। ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने देश के कई हिस्सों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और राजधानी तेहरान के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अमेरिका ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई है, जबकि कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। लगातार हो रहे हमलों के कारण पूरे मध्य पूर्व में बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ गई है और वैश्विक तेल बाजारों पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई का यह सिलसिला जारी रहा तो क्षेत्रीय संघर्ष व्यापक युद्ध का रूप ले सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।