नए भारत का संकल्प: ‘आतंक और बातचीत साथ नहीं’, ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर गूंजा सेना का संदेश

नई दिल्ली: भारत आज ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ मना रहा है। इस खास अवसर पर भारतीय सेना ने एक गौरवशाली वीडियो जारी कर उस अदम्य साहस और वीरता को याद किया है, जिसके जरिए आतंकियों को करारा जवाब दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस ऐतिहासिक दिन को चिह्नित करते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) की प्रोफाइल पिक्चर बदल दी है और देश के वीर जवानों को सलाम किया है।

क्या था ऑपरेशन सिंदूर?

ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि 22 अप्रैल 2025 की उस दुखद घटना से जुड़ी है, जब पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हमला किया था। इस हमले में 25 हिंदू पर्यटकों सहित कुल 26 मासूम लोगों की नृशंस हत्या कर दी गई थी। देश के इतिहास में यह पहली बार था जब आतंकियों ने पहचान पूछ-पूछकर ‘टारगेट किलिंग’ को अंजाम दिया था।

इस जघन्य अपराध का बदला लेने के लिए भारतीय सेना और वायुसेना ने संयुक्त रूप से 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया। भारतीय वायुसेना ने सीमा पार पाकिस्तान और पीओके (PoK) में घुसकर आतंकियों के 9 ठिकानों पर सटीक एयर स्ट्राइक की, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे।

सेना द्वारा जारी वीडियो में क्या है?

भारतीय वायुसेना द्वारा साझा किए गए वीडियो में ऑपरेशन की सफलता की पूरी कहानी दिखाई गई है। वीडियो की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के कड़े संदेश से होती है, जिसमें वे कहते हैं कि भारत आतंकियों को चुन-चुनकर सजा देगा। वीडियो में पहलगाम हमले के दृश्यों के साथ-साथ सेना की तैयारियों और पीओके में ठिकानों को तबाह करते हुए दिखाया गया है। वीडियो के अंत में पीएम मोदी का वह प्रसिद्ध बयान है— “आतंक और बातचीत, या आतंक और व्यापार एक साथ नहीं चल सकते।”

पीएम मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘X’ पर अपने संदेश में लिखा, “एक साल पहले, हमारी सेना ने #OperationSindoor के दौरान बेमिसाल हिम्मत और सटीकता दिखाई थी। उन्होंने पहलगाम में मासूमों पर हमला करने वालों को करारा जवाब दिया। पूरा देश हमारी सेना की बहादुरी को सलाम करता है।”

पीएम ने आगे कहा कि यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति हमारे दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। यह रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता और सेनाओं के बीच बढ़ते तालमेल को भी दर्शाता है।

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