प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए हुए शांति समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल होगी तथा वैश्विक व्यापार और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बनी यह समझ पश्चिम एशिया में लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के कारण दुनिया भर में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और कई देशों में जनहानि भी हुई है।
PM मोदी ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि इस समझौते से क्षेत्र में शांति स्थापित होगी और समुद्री व्यापार मार्गों पर आवाजाही सुचारु रूप से जारी रह सकेगी। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत शेष मुद्दों पर होने वाली बातचीत का स्वागत करता है और आशा करता है कि सभी पक्ष स्थायी और व्यापक समझौते तक पहुंचेंगे। भारत लगातार संवाद और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता रहा है।
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस समझौते को पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस कदम का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्रीय शांति और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए सकारात्मक बताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता सफलतापूर्वक लागू होता है, तो न केवल पश्चिम एशिया में तनाव कम होगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनकी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा होता है।